दोहरीघाट। दो दिन तक सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद घटने लगा। नदी के घटने-बढ़ने से कटाव का खतरा बढ़ जाता है। इस बार भी नदी के जलस्तर में लगातार घटाव-बढ़ाव जारी है। इससे तटवर्ती इलाकों में कटाव शुरू हो गया है। इससे तटवर्ती इलाकों सहित कस्बे के धार्मिक धरोहरों से सरयू की लहर टकरा रही हैं।
सरयू नदी का जलस्तर घटते-बढ़ते रहने से तटवर्ती इलाके के लोगों को कटाव की चिंता सताने लगी है। सरयू नदी के जलस्तर पर नजर डाली जाए तो गौरीशंकर घाट पर लगे मीटर गेज पर शनिवार को 69.30 मीटर जलस्तर रिकॉर्ड किया गया। शुक्रवार को 69.40 मीटर था। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में दस सेमी की कमी दर्ज की गई। नदी अभी खतरा बिंदु 69.90 मीटर से 60 सेंटीमीटर नीचे बह रही थी।
नदी का जलस्तर घटने से दोहरीघाट कस्बा सहित तटवर्ती इलाकों नवली, रामपुर धनौली, नईबाजार, रामनगर, चिऊटीडांड, सरहरा, पतनई, बहादुरपुर सहित विभिन्न गांवों के किसानों को कृषि उपयोगी भूमि नदी में विलीन होने की चिंता सताने लगी है। किसानों का मानना है कि नदी जब-जब घटी बढ़ी है तब-तब कहर बरपा है। इस बार भी नदी के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव आ रहा है। इससे तेज कटाव की आशंका है।
दुबारी। सरजू नदी का जलस्तर बढ़ते ही देवारा क्षेत्र के तटवर्ती गांवों में पानी घुसने लगा है। बीते चार दिनों में नदी का जलस्तर काफी बढ़ा है। जलस्तर बढ़ने से परसिया जयराम गिरी हाहानाला उफान पर है। इससे कई गांवों में पानी घुसने की आशंका है। धर्मपुर, बिशुनपुर, नकिहवा, जरलहवा, बिंटोलिया, खैरा, बैरिकंटा, बरोहा, मोलनापुर, परसिया, चक्कीमुसाडोही आदि तटवर्ती गांवों में नालों और नालियों के रास्ते गांवों में पानी भरता जा रहा है। क्षेत्र के कई मार्ग और पुलिया जलमग्न हो गई हैं। इससे ग्रामीणों को पशुओं के लिए चारा काटने और लाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।