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Mau News: जिला महिला अस्पताल में गर्भवती आने के बाद कमीशन के लिए सक्रिय हो जाता है सिंडिकेट

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मऊ। जिला महिला अस्पताल में किसी भी गर्भवती के आने के बाद दलालों का सिंडिकेट कमीशन के लिए सक्रिय हो जाता है। सिंडिकेट से जुड़े लोग गर्भवती और उसके परिजन को निजी अस्पतालों में ले जाने के जाल बुनने लग जाते हैं। ऐसे मरीजों को सरकारी से निजी अस्पतालों में भर्ती कराने के लिए कमीशन दी जाती है। मरीज को निजी अस्पतालों में भेजने में सरकारी अस्पताल के कर्मियों की खूब मिली भगत रहती है। बीते दिनों ही नगर के एक गर्भवती के महिला अस्पताल में आने के बाद उसे महिला ने निजी अस्पताल में भर्ती करा आपरेशन करा दिया। इसके बाद कमीशन के चक्कर में दोनों महिलाओं में जमकर मारपीट भी हुई थी। इस घटना ने सरकारी अस्पताल में निजी अस्पतालों से जुड़े सिंडिकेट की भी पोल खोल दी थी। मारपीट करने वाली दोनों महिलाओं में एक स्वास्थ्यकर्मी तो दूसरी महिला बाहरी पाई गई है। मारपीट की वीडियो वायरल होने के बाद इसकी शिकायत पुलिस तक पहुंची। जिसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट बृजेंद्र कुमार ने एसीएमओ डा. आरएन सिंह और कोतवाल अनिल कुमार सिंह के साथ निजी अस्पताल पहुंचे, जहां गर्भवती को भर्ती कराया गया था। बृहस्पतिवार को जांच के दौरान अस्पताल के बाहर और अंदर लगे सीसी फुटेज की जांच की गई। पुलिस सभी फुटेज अपने साथ लेकर गई। मारपीट करने वाली दोनों महिलाओं की पहचान के लिए पुलिस व स्वास्थ्य विभाग को इसकी जांच दी गई। दूसरे दिन शुक्रवार को एसीएमओ डा. आरएन सिंह ने गर्भवती को निजी अस्पताल में भर्ती कराने के बाद मारपीट करने वाली दोनों महिलाओं के संबंधों की जांच की। इसमें जिसमें एक महिला जिला महिला अस्पताल की स्वास्थ्यकर्मी पाई गई। जबकि दूसरी महिला बाहरी थी।
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गर्भवती के जिला महिला अस्पताल में आने के बाद उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराने पर दो महिलाओं में हुए मारपीट के बाद कई पहलुओं की जांच हो रही है। अस्पताल के पंजीकरण के साथ दोनों महिलाओं की भी जांच की गई है। विवाद में एक महिला स्वास्थ्यकर्मी है।
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- डा. आरएन सिंह, एसीएमओ
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