मुहम्मदाबाद गोहना तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर बृहस्पतिवार की सुबह माल बाबू कार्यालय और तहसीलदार कोर्ट में ताला बंद क दिया। नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। जानकारी होने पर तहसीलदार अनीश सिंह ने कोतवाली पुलिस को सूचना देकर फोर्स बुला ली। इसपर अधिवक्ता और नाराज हो गए और तहसील प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी तेज कर दी।
अधिवक्ताओं ने तहसीलदार न्यायालय और कार्यालय में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए प्राइवेट और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को हटाने की चेतावनी दी है। तहसीलदार ने अधिवक्ताओं पर अनावश्यक दबाव बनाकर न्यायिक कार्यों को प्रभावित करने का आरोप लगाया है।
तहसील बार अध्यक्ष फिरोज अहमद और पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद खालिद के नेतृत्व में सभी अधिवक्ताओं ने कहा कि तहसीलदार के कार्यालय में प्राइवेट कर्मचारी मनमाना कार्य करते हैं। मुकदमों की फाइलों में अनावश्यक विलंब किया जा रहा है और कर्मचारी फाइलों में हेराफेरी कर धन उगाही कर रहे हैं।
न्यायालय में लंबित धारा 38(1), धारा 38(2) और धारा 80 की फाइलों को अनावश्यक रोक कर रखा गया है, जिससे वादकारियों का नुकसान हो रहा है। मनमानी ढंग से कर्मचारियों को एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय में स्थानांतरित किया जा रहा है।
तहसीलदार ने कहा निराधार है आरोप
तहसीलदार अनीश सिंह ने इस प्रकरण में बताया कि अधिवक्ता फाइलों के निस्तारण में अनावश्यक दबाव बनाने का प्रयास करते हैं। शासन के आदेशानुसार न्यायिक प्रक्रिया के तहत मुकदमों और शिकायतों का निस्तारण किया जाता है। तहसील में कार्यरत कर्मचारियों की कार्य क्षमता का आंकलन कर किसी भी कर्मचारी को अन्य किसी भी कार्यालय में स्थानांतरित किया जा सकता है। इसको लेकर अधिवक्ता अनावश्यक दबाव बना रहे हैं। प्राथमिकता के आधार पर फाइलों को निस्तारित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसमें किसी भी प्रकार की दखल और दबाव नहीं माना जाएगा।