तहसील के अधिवक्ताओं ने सोमवार को तहसील मुख्यालय पर पांच अधिवक्ताओं के विरूद्घ दर्ज कराए गए मुकदमें की वापसी की मांग करते हुए तहसील परिसर में धरना दिया। इस दौरान एसडीएम ने जिलाधिकारी से बात करने के बाद ही कोई निर्णय लेने के आश्वासन दिया। एसडीएम के आश्वासन देने पर अधिवक्ताओं ने धरना समाप्त कर दिया।
बताते चले बीते गुरुवार को मधुबन तहसील बार के अधिवक्ताओं ने सूखा राहत की धनराशि के वितरण में अनियमितता बरते जाने का आरोप लगाते हुए उसकी जांच का मांग करते हुए प्रदर्शन किया। साथ ही नायब तहसीलदार के कार्यालय में तालाबंदी की थी। इस घटना को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी ने नायब तहसीलदार को रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश दिया था।
जिला और तहसील प्रशासन की इस कार्रवाई से अधिवक्ताओं में हड़कंप मच मच गया। रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी होने पर आक्रोशित अधिवक्ता सोमवार को एसडीएम दयाशंकर पाठक के कार्यालय के सामने पुन: धरने पर बैठ गए। इस दौरान अधिवक्ताओं ने तहसील प्रशासन पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया।
साथ ही मांग पूरी न होने तक कोर्ट का बहिष्कार करने का निर्णय लिया। इस संबंध में अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधि मंडल एसडीएम दयाशंकर पाठक से मिल कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसमें मुकदमें को वापस लेने की मांग किया गया। अधिवक्ताओं की बातों को सुनने के बाद एसडीएम जिलाधिकारी से बात करने के बाद कोई कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इस पर वकीलों ने धरना समाप्त किया। धरने पर जगदीश सिंह,रामाश्रय मल्ल,जवाहर पाण्डेय,कैलाश सिंह,विनोद मल्ल,सूर्यभान राजभर, सहित दर्जनों अधिवक्ता शामिल हुए।