शासन ने जिला पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार राय को प्रशासक बनाया है। उनकी देखरेख में ही जिला पंचायत के सामान्य कार्य कराए जाएंगे, जबकि नए प्रस्ताव जिलाधिकारी के माध्यम से शासन से स्वीकृत कराए जाएंगे।
आदेश पंचायत कार्यालय पहुंचने के बाद जिलाधिकारी को भेज दिया गया था। 34 जिला पंचायत सदस्यों की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। नए विकास कार्य कराने के लिए जिलाधिकारी का अनुमोदन लेना जरूरी होगा।
बीते 26 मई को प्रधानों का भी कार्यकाल समाप्त होने पर उन्हें प्रशासक नियुक्त किया गया था। लेकिन मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। अगले सप्ताह ब्लॉक प्रमुखों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों का भी कार्यकाल समाप्त हो रहा है। ब्लॉक प्रमुखों को प्रशासक बनाकर कार्यकाल बढ़ाया जाएगा।
जिला पंचायत परिषद से कराए जा रहे जल निकासी के 35 कार्य निर्माणाधीन हैं। बीते साल मिले टाइड फंड में से पांच करोड़ रुपये बचे हैं। अभी नए सत्र का बजट नहीं मिला है। बचे हुए बजट से नए काम कराने के लिए जिलाधिकारी का अनुमोदन जरूरी है।
प्रभारी अपर मुख्य अधिकारी दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि जिला पंचायत अध्यक्ष को प्रशासक बनाने वाला आदेश मिल गया है। उसे जिलाधिकारी के पास भेजा गया है।
इसमें जिला पंचायत सदस्यों की स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। जिला पंचायत क्षेत्र में जो नए विकास कार्य कराए जाएंगे, उनका अनुमोदन जिलाधिकारी से लेना होगा। निर्माणाधीन पुराने काम चलते रहेंगे।
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ये हैं जिला पंचायत सदस्य
कल्पनाथ, राजेश, रोहित, नंदा देवी, सुभाष चंद्र यदुवंशी, पंकज कुमार, रामनगीना यादव, बबलू, किरण, विजय शंकर, संतोष कुमार चौहान, मनोज, जितेंद्र कुमार गोयल, गीता, अखिलेश राजभर, हुस्न आरा, इंद्रावती देवी, गोविंद चंद्र यादव, मोनिका राय, विनय कुमार, बिंदु यादव, आरजू यादव, अनीता, जयभीम कुमार, अमरनाथ, रामदरश, गीता, संतोष, अर्पिता यादव, श्वेता कुमारी, विद्यावती, अमित कुमार, रीता, पुष्पा।
अध्यक्ष बोले- निष्ठा के साथ निभाएंगे जिम्मेदारी
प्रशासक बनाए गए जिला पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार राय ने बताया कि सरकार ने आगामी छह माह के लिए कार्यकाल बढ़ाकर जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसे पूरी निष्ठा के साथ निभाएंगे। बारिश के चलते कुछ काम बीच में रोक दिए गए थे। अब मौसम साफ होने पर उन्हें भी पूरा करा दिया जाएगा। बची हुई धनराशि से कुछ नए कार्य कराने हैं। इसके लिए जिलाधिकारी के माध्यम से शासन से अनुमति ली जाएगी।