मऊ पेट्रोल-डीजल की मूल्यवृद्धि तथा महंगाई के खिलाफ वामपंथी दलों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। साथ ही राष्ट्रपति को संबोधित 10 सूत्री मांग पत्र जिलाधिकारी को सौंपा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कोरोना महामारी के चलते लोगों की जान संकट में है और उनकी आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। इलाज महंगा है और लोगों के पास काम नहीं है। सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाएं कम है और प्राइवेट अस्पताल में मनमानी की जा रही है। पहले से व्याप्त बेरोजगारी का संकट लॉकडाउन करोना कर्फ्यू के कारण और भी भयानक हो गया है। लोगों के सामने रोजी-रोटी का भीषण संकट बना हुआ है। मनरेगा में भी कामकाज नहीं है। प्रधानमंत्री द्वारा घोषित पांच किग्रा अनाज काफी नहीं है। सभी जरूरतमंद व्यक्तियों को कम से कम 10 किलो अनाज के साथ-साथ तेल, दाल,चीनी मसालों और चाय आदि का भोजन किट निशुल्क उपलब्ध कराया जाए।
पेट्रोल-डीजल के चलते माल ढुलाई महंगी होती जा रही है। इसके कारण महंगाई बढ़ बढ़कर 11 साल के अपने शिखर पर पहुंच गई है। पेट्रोल डीजल के मूल्य में भी लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार के टैक्स का है ।सरकार केवल अपना टैक्स कम कर दें तो कीमती काफी कम हो सकती है। इसके विपरीत खाद तेल समेत खाने की वस्तुओं के दामों में भी अप्रैल माह से लगातार बेतहाशा वृद्धि जारी है। साथ ही दवा से लेकर खाद्य वस्तुओं तक भयानक जमाखोरी और कालाबाजारी व्याप्त है।प्रदर्शन करने वालों मेंअनुभव दास, इम्तियाज अहमद पूर्व विधायक, राम सोच यादव, वीरेंद्र कुमार, बसंत कुमार, शैलेंद्र कुमार, अनिरुद्ध, राम कुमार भारती, त्रिभुवन शर्मा, हिसामुद्दीन, राम नारायण सिंह गुफरान, रामप्रवेश यादव, शिव मूरत गुप्ता, राम अवतार सिंह आदि शामिल रहे।