जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में जिला अनुश्रवण समिति की बैठक हुई। बैठक में बेसिक शिक्षा विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा की गई।
आरटीई के तहत नामांकन की समीक्षा के दौरान पाया गया कि कई निजी विद्यालय नामांकन प्रक्रिया में अपेक्षित रुचि नहीं ले रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी ने ऐसे विद्यालयों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए।
उन्होंने निजी विद्यालयों में संचालित सभी कक्षाओं का विवरण उपलब्ध कराने तथा निर्धारित दुकानों से पुस्तकों की खरीद संबंधी मामलों की रैंडम जांच कराने के भी निर्देश दिए।
बैठक में साक्षरता अभियान के अंतर्गत नामांकन की समीक्षा में नगर क्षेत्र की स्थिति कमजोर पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नामांकन में सुधार के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाकर कार्य करने का निर्देश दिया। साथ ही अपेक्षित प्रगति न होने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
विद्यालयों में किचन गार्डन और पोषण वाटिका की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सभी विद्यालयों में इन्हें अनिवार्य रूप से विकसित करने का आदेश दिया। नगर क्षेत्र के नौ विद्यालयों में पोषण वाटिका न बनाए जाने पर उन्होंने असंतोष व्यक्त करते हुए शीघ्र निर्माण के निर्देश दिए।
उन्होंने ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान कर उन्हें पुनः विद्यालय से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया। साथ ही जिन विद्यालयों के ऊपर से हाईटेंशन विद्युत लाइनें गुजर रही हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर हटाने के निर्देश दिए। इस संबंध में विद्युत निगम के अधिकारियों को कार्रवाई करने के लिए कहा गया।
एआरपी चयन प्रक्रिया की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने नवीन शासनादेश के अनुरूप पूर्ण पारदर्शिता के साथ चयन प्रक्रिया संपन्न कराने के निर्देश दिए।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के साप्ताहिक निरीक्षण की समीक्षा में कई खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा समय से निरीक्षण न किए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव, जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम प्रसाद, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार उपाध्याय, अपर जिलाधिकारी प्रवेंद्र कुमार सहित समस्त खंड शिक्षा अधिकारी उपस्थित रहे।