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जांच के साढे सात माह बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

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मऊ। रानीपुर ब्लाक के कटघर संजर गांव में विकास कार्यों के नाम पर लाखों की अनियमितता की शिकायत पर डीएम ने जांच कराई। जांच अधिकारी ने साढ़े सात महीने पहले मार्च में गांव में जाकर स्थलीय जांच किया था। छह महीने बाद जांच अधिकारी ने 11 सितंबर को डीएम को रिपोर्ट सौंपी थी। लेकिन रिपोर्ट पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे गांव वालों में आक्रोश है।
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कटघर संजर गांव निवासी डॉ. ओम प्रकाश यादव ने फरवरी 2020 में जिलाधिकारी को प्रार्थनापत्र देकर गांव में विकास कार्यों में लाखों की हेराफेरी की शिकायत करते हुए जांच कराने की मांग किया था। तत्कालीन जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने एआर को आपरेटिव विवेक कौशल को जांच सौपी थी। 16 मार्च 2020 को गांव में जाकर जांच अधिकारी ने जांच किया था। गांव में गए जांच अधिकारी को ग्रामीणों ने बताया था कि पोखरी में पिछले 5 सालों में कोई खुदाई नहीं हुई है जबकि तीनों पोखरी पर 5 लाख 76 हजार 430 रुपयों का भुगतान 2019 -2020 में ले लिया गया।ग्राम सभा में कहीं भी सामुदायिक केंद्र नहीं बना है जबकि इसके नाम पर एक लाख 80 हजार रुपये बीते 7 जनवरी 2020 को उतार लिए गए हैं। जांच अधिकारी को सेक्रेटरी ने बताया था कि इस धन का उपयोग प्राथमिक विद्यालय की चहारदीवारी पर किया गया।
जबकि इसकी चारदीवारी के नाम पर 4 लाख 8 हजार 156 रुपयों का भुगतान कायाकल्प के नाम पर 14 फरवरी 2020 को ले लिया गया है। बख्तियार चक पुरवे में नाली मरम्मत के नाम पर 53257 रुपयों का भुगतान ले लिया गया। जबकि यह नाली 10 वर्ष पूर्व की बनी है। चंद्रिका के घर से लोचन के घर तक सोलिंग मरम्मत के नाम पर दो 44 हजार का भुगतान व राजापुर नहर पुलिया से रामरतन के खेत तक सोलिंग मरम्मत के नाम पर 134336 रुपये निकाले गए हैं। जांच अधिकारी के पूछने पर सेक्रेटरी का कहना था कि इन दोनों कार्यों पर कोई भुगतान नहीं हुआ है। जबकि सरकारी दस्तावेज बता रहे हैं कि दोनों कार्यों पर भुगतान हुआ है।
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जांच अधिकारी ने 11 सितंबर को अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप दिया। भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार इस मामले में ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी को अनियमितता का दोषी माना गया है। चार लाख रुपयों की वसूली तथा आरोपियोंके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश है लेकिन डीपीआरओ कार्यालय में यह पत्रावली दबी पड़ी है। हालांकि डीपीआरओ घनश्याम सागर का कहना है कि अभी जांच रिपोर्ट के बाबत पत्रावली नहीं मिली है। पत्रावली मिलते ही उसका अध्ययन करके जिलाधिकारी के आदेश का पालन कराया जाएगा और दोषियों के खिलाफ विधि संगत कार्रवाई की जाएगी और कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
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