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छह ब्लाकों के प्रशासकों पर गाज गिरनी तय

Sat, 30 Jan 2016 11:26 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
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 जिले के छह ब्लाकों में विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों के हुए खेल में बड़ी वित्तीय अनियमितताएं सामने आईं। गांवों में किए गए भौतिक सत्यापन के बाद सभी ब्लाकों के लिए नियुक्त जांच अधिकारियों ने जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंप दी
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 थी। जांच रिपोर्टों प्रशासक नियुक्त किए गए एडीओ पंचायत के द्वारा मनमानी, भारी वित्तीय अनियमितता और सरकारी धन की बंदरबांट की शिकायत सही पाईप गई। डीपीआरओ ने वित्तीय अनियमितता के आरोपी छहों एडीओ पंचायती के विरुद्ध् कार्रवाई के लिए निदेशक पंचायती राज को पत्र लिखा है।


 नवंबर 2015 में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो जाने के बाद शासन के निर्देश पर ब्लाकों के एडीओ पंचायत को प्रशासक नियुक्त कर दिया गया था। आरोप है कि इन प्रशासकों ने मनमानी करके ग्राम निधि खातों से विकास के नाम पर खूब मनमानी की।
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कोपागंज ब्लाक में 45 लाख रुपयों की हेराफेरी पाई गई। अपर जिलाधिकारी समीर वर्मा ने इस ब्लाक की जांच की। इसी प्रकार रतनपुरा ब्लाक में भी 54 लाख रुपयों से अधिक का गोलमाल पाया गया। इसके अतिरिक्त फतेहपुर मंडाव  ब्लाक , रानीपुर  ब्लाक , परदहा ब्लाक  और घोसी ब्लाकों में विकास कार्यों के नाम पर किए गए करोड़ों के गोलमाल की  भौतिक जांच की।


 सभी जांच अधिकारियों ने संबंधित अभिलेखों के साथ गांवों में पहुंचकर भौतिक सत्यापन किया।   डीएम वैभव श्रीवास्तव के निर्देश पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने वित्तीय अनियमितता के आरोपी कोपागंज  ब्लाक के एडीओ पंचायत अशोक कुमार पांडेय,  फतेहपुर मंडाव के एडीओ पंचायत सुरेश यादव , रानीपुर ब्लाक के एडीओ पंचायत श्रीकांत मिश्रा, रतनपुरा ब्लाक के  नीरज मिश्रा , परदहा ब्लाक के एडीओ पंचायत अवधेश सिंह और घोसी ब्लाक के एडीओ पंचायत पारस नाथ वर्मा को वित्तीय अनियमितता का  प्रथम दृष्ट्या दोषी पाया गया। डीपीआरओ ने इन सभी आरोपी एडीओ पंचायत के विरुद्घ कार्रवाई के लिए निदेशक पंचायती राज उत्तर प्रदेश  को पत्र लिखा।
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