विधायक निधि के दुरुपयोग के मामले में आरोपी आनंद यादव की जमानत अर्जी पर बुधवार को मऊ जिला एवं सत्र न्यायाधीश शंकरलाल की कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान जिला जज ने बचाव पक्ष और प्रभारी डीजीसी फौजदारी मणिबहादुर सिंह के तर्कों को सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद जमानत अर्जी खारिज कर दिया। मामला मऊ जिले के सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार सरायलखंसी थाना क्षेत्र के सरवां गांव निवासी विजय कुमार गुप्ता की शिकायत पर क्षेत्राधिकारी सदर ने जांच की थी। विजय कुमार गुप्ता का आरोप है कि उसके ही गांव के आनंद यादव और उसके पिता बैजनाथ यादव गांव में स्थित जमीन पर विद्यालय बनवाने के लिए गांव के संजय सागर के सहयोग से सदर विधायक मुख्तार अंसारी के विधायक निधि से कुल 25 लाख रुपये लिया। यह धन गुरु जगदीश सिंह, बैजनाथ पहलवान उच्च माध्यमिक विद्यालय सरवां के नाम पर लिया गया था। लेकिन विद्यालय का निर्माण नहीं हुआ।
जांच रिपोर्ट के आधार पर सरायलखंसी थाने में प्रभारी निरीक्षक रामसिंह की तहरीर पर विभिन्न धाराओं के तहत रिपोर्ट दर्ज हुई थी। मामले में सरवां गांव निवासी आनंद यादव की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई। इस पर बुधवार को सुनवाई हुई। जिला जज ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद जमानत अर्जी खारिज कर दी।