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Mau News: कागजों में खरीदा गया आयुष ब्लॉक का एसी, गर्मी झेल रहे चिकित्सक

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जिला अस्पताल में खरीदी गयी एसी का बिल। संवाद - फोटो : 1
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जिला अस्पताल के आयुष ब्लॉक के लिए एसी कागजों में खरीदी गई, लेकिन हकीकत में आयुष ब्लॉक आज भी बिना एसी के है। यहां तैनात चिकित्सक भीषण गर्मी की तपिश झेल रहे हैं। सोशल मीडिया पर एसी खरीद का बिल भी वायरल हो रहा है।
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जिला अस्पताल के आयुष ब्लॉक के लिए खरीदे गए एसी के वायरल बिल पर सात जून 2022 की तारीख दर्ज है। बिल की कुल राशि 49 हजार रुपये दर्शाई गई है। इसमें खरीदार के रूप में ‘सीएमएस, जिला अस्पताल’ अंकित है।
दावा किया गया है कि एसी आयुष ब्लॉक में लगाने के लिए खरीदा गया था, लेकिन करीब चार साल बाद भी एसी स्थापित नहीं हो सका है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि वायरल बिल की जांच कराई गई।
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इसमें संबंधित दुकानदार ने बताया कि एसी की खरीद का भुगतान नकद किया गया था। हालांकि जिला अस्पताल की ओर से एसी खरीद के लिए न कोई मांग की गई, न कोई खरीद हुई और न ही कोई भुगतान किया गया। अस्पताल के अभिलेखों में भी एसी से संबंधित कोई बिल लंबित नहीं है।
जिला अस्पताल परिसर में बने आयुष ब्लॉक में वर्तमान में तीन चिकित्सक तैनात हैं। यूनानी के लिए डॉ. एम.एम. अंसारी, आयुर्वेद के लिए एम.पी. मौर्य और होम्योपैथ के लिए जी. कुमार।
विंदेश्वरी राय फार्मासिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। एक तल के बने आयुष ब्लॉक में गर्मी के दिनों में चिकित्सकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। पारा 40 डिग्री के पार पहुंचने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है।
चिकित्सकों का कहना है कि आयुष ब्लॉक में संसाधन बढ़ाने के लिए कई बार पत्र दिया गया, लेकिन सुविधाओं की कमी के कारण मरीजों और तीमारदारों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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आयुष की दवाओं की कमी, एलोपैथ की दवाएं लिख रहे चिकित्सक
वर्ष 2022 के बाद से आयुर्वेद विभाग में केवल 14 प्रकार की दवाएं ही आई हैं। 26 सितंबर 2022 के बाद से दवाओं की कोई खरीद नहीं हो सकी है। वहीं, होम्योपैथ और यूनानी विभाग में वर्ष 2016 से अब तक कोई दवा उपलब्ध नहीं कराई गई है। आयुष ब्लॉक में तैनात चिकित्सक आने वाले मरीजों को एलोपैथ की दवाएं लिख रहे हैं। मरीजों के अनुरोध पर आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथ की दवाएं बाहर से लिखी जा रही हैं। दवाओं की कमी के चलते ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या, जो पहले 300 के पार होती थी, अब 100 तक भी नहीं पहुंच रही है। मरीजों को शुगर, बीपी, बुखार, यूरिन संक्रमण, गठिया, बवासीर, चर्म रोग सहित कई बीमारियों की दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। यूनानी विभाग में भी कई आवश्यक दवाएं उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं।

एलोपैथ की 30 प्रकार की दवाएं लिख सकते हैं आयुष चिकित्सक
आयुर्वेदिक, यूनानी और होम्योपैथिक (आयुष) चिकित्सक 30 प्रकार की एलोपैथिक दवाएं लिख सकते हैं। ये दवाएं प्राथमिक उपचार जैसे बुखार, दर्द, एलर्जी और सामान्य संक्रमण—के लिए निर्धारित हैं। इसके अतिरिक्त अन्य एलोपैथिक दवाएं लिखने की अनुमति नहीं है। इसकी निगरानी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) द्वारा की जाती है।

दवा खरीद के लिए बैठक के दौरान कई बार उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। आयुष की सभी दवाओं की खरीदारी सीएमओ की निगरानी में होती है। -सत्येंद्र साहू, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी

-यह मामला मेरे कार्यकाल का नहीं है। यह पूर्व सीएमएस डॉ. नाहिदा खातून और सेवानिवृत्त बाबू प्रेमचंद्र सोनकर के समय का है। मामला सामने आने के बाद जांच कराई गई। संबंधित दुकानदार ने बताया कि एसी की खरीद नकद की गई थी, जबकि अस्पताल के स्टॉक रजिस्टर में एसी की कोई मांग दर्ज नहीं है।
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-डॉ. धनंजय कुमार, सीएमएस, जिला अस्पताल
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