जिला अस्पताल की ओपीडी में आने वाले मरीजों को भीषण गर्मी में पर्याप्त राहत नहीं मिल पा रही है। वेटिंग एरिया में वाल माउंट पंखे और सीमित कूलरों के सहारे मरीजों को बैठना पड़ रहा है। जहां चिकित्सक कक्षों में एसी की सुविधा है, वहीं मरीज पसीने से तर-बतर नजर आ रहे हैं।
मरीजों की समस्याओं को देखते हुए बुधवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने जिला अस्पताल की पड़ताल की। सुबह करीब 11 बजे अस्पताल पहुंची टीम ने पाया कि भूतल स्थित ओपीडी में मात्र एक कूलर चल रहा था, जिसके सामने कई मरीज और तीमारदार बैठे थे। अन्य मरीज वाल माउंट पंखों के सहारे गर्मी से राहत पाने की कोशिश करते दिखे।
इमरजेंसी वार्ड में एक कूलर चालू था, जबकि एक कूलर खराब मिला। एक अन्य वार्ड में छोटा कूलर लगाया गया था। वहीं स्टोर रूम में जंबो कूलर चल रहा था, जहां स्वास्थ्यकर्मी और प्रशिक्षु बैठे थे।
ओपीडी में करीब एक दर्जन पंखे लगे हैं, लेकिन वे पर्याप्त हवा नहीं दे पा रहे हैं। अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 1100 मरीज पहुंचते हैं। भीषण गर्मी के चलते इन दिनों सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी, त्वचा रोग और पेट दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ी है।
मरीजों को पर्ची काउंटर पर लंबी कतार में खड़ा होना पड़ता है, जहां हवा की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। पर्ची लेने के बाद चिकित्सक से परामर्श के लिए भी इंतजार करना पड़ता है। कई बार चिकित्सक पहले भर्ती मरीजों को देखने चले जाते हैं, जिससे ओपीडी के मरीजों का इंतजार और बढ़ जाता है।
एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड कक्ष के पास वेंटिलेशन की कमी के कारण मरीजों को बाहर बरामदे में बैठना पड़ रहा है, जहां गर्मी और अधिक महसूस हो रही है।
मरीजों की जुबानी
तबीयत खराब होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इमरजेंसी वार्ड में पंखा तो है, लेकिन एक ही कूलर होने से गर्मी लगती है।
-माया यादव, दशई पोखरा
गर्मी बहुत बढ़ गई है। इमरजेंसी में पंखे नाकाफी हैं। बिजली कटने पर परेशानी और बढ़ जाती है। कम से कम दो कूलर होने चाहिए।
-लालमुनी, विशुनपुर
ओपीडी हॉल में सिर्फ एक कूलर है। मरीजों और तीमारदारों को सुबह से इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही।
-आफताब आलम, दरगाह
सीटी स्कैन के लिए इंतजार कर रहा हूं। बाहर बैठने की व्यवस्था में सिर्फ एक पंखा है, जिससे गर्मी में काफी दिक्कत हो रही है।
-सनंत चौहान, दुल्लहपुर
जिला अस्पताल के ओपीडी और इमरजेंसी वार्ड में कूलर और पंखे लगाए गए हैं। सभी क्रियाशील हैं। आवश्यकता होने पर कूलरों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
-डॉ. सीपी आर्या, प्रभारी सीएमएस
जिला अस्पताल में गर्मी के बीच ओपीडी एक कूलर के पास फर्श पर बैठे मरीज और उनके तीमारदार। संवाद