मऊ। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अब जिला अस्पताल के साथ-साथ जिले की सभी 10 सीएचसी में भी आभा हेल्थ आईडी की व्यवस्था लागू कर दी गई है।
इसके तहत अब सीएचसी में आने वाले मरीजों की ओपीडी पर्ची आभा आईडी से ही बनाई जाएगी। इस नई व्यवस्था से मरीजों का उपचार संबंधी पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित और डिजिटल रूप में उपलब्ध रहेगा।
डिप्टी सीएमओ डॉ. बी.के. यादव ने बताया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत सभी मरीजों को आभा हेल्थ आईडी से जोड़ने का अभियान तेज़ी से चलाया जा रहा है। जिन मरीजों के पास अभी आभा हेल्थ आईडी नहीं है, उन्हें अस्पताल परिसर में ही इसे बनवाने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि आभा हेल्थ आईडी बनाने के अभियान में आशा कार्यकर्ता और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। जिले में अब तक करीब 60 प्रतिशत लोगों की आभा हेल्थ आईडी बनाई जा चुकी है।