मऊ। विधानसभा चुनाव में नफरती भाषण सहित चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन के दो मामलों में आरोपी सदर विधायक अब्बास अंसारी की बुधवार को कासगंज जेल से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग से पेशी हुई। सीजेएम ने नफरती भाषण मामले मे आरोपियों के बयान के लिए 10 फरवरी की तिथि तय की। वहीं दूसरे मामले में 12 फरवरी को सुनवाई होगी।
पहला मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। मामले में एसआई गंगाराम बिंद की तहरीर पर शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज हुई। इसमें सदर विधायक अब्बास अंसारी और अन्य को आरोपी बनाया गया। आरोप था कि 3 मार्च 22 को चुनाव अभियान के दौरान सदर विधानसभा सीट से सुभासपा प्रत्याशी अब्बास अंसारी ने नगर क्षेत्र के पहाड़पुर मैदान में जनसभा के दौरान कहा कि जनपद मऊ के प्रशासन को चुनाव के बाद रोककर हिसाब किताब किया जाएगा। इसके बाद ही उन्हें जाने दिया जाएगा। पुलिस ने विवेचना में मामले में धारा 506, 171 एफ,186,189,153 ए, 120 बी में विधायक अब्बास अंसारी व छोटे भाई उमर अंसारी, चुनाव एजेंट गाजीपुर के पुरानी कचहरी यूसुपुर मुहम्मदाबाद निवासी मंसूर अंसारी के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया है। सीजेएम ने मामले में 10 फरवरी की तिथि तय की। दूसरा मामला दक्षिण टोला थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार तत्कालीन निरीक्षक पंकज कुमार सिंह की तहरीर पर 12 फरवरी 22 को चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई। मामले में पुलिस ने विवेचना कर अब्बास अंसारी, उमर अंसारी, साकिब लारी, शाहिद लारी, इस्राइल अंसारी और रमेश राम के विरुद्ध चार्जशीट कोर्ट में दायर की गई। सीजेएम ने आरोपियों का बयान के लिए 12 फरवरी की तिथि नियत किया।