मऊ। बीते विधानसभा के आमचुनाव के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में आरोपी विधायक अब्बास अंसारी की शुक्रवार को कासगंज जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से पेशी हुई। मामले में उच्च न्यायालय के आदेश पर आरोपी की ओर से सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया गया। इसमें कहा गया कि उच्च न्यायालय ने धारा 188,171 भादवि में आरोप पत्र और संज्ञान को निरस्त कर दिया गया । उच्च न्यायालय के आदेश के बाद मात्र धारा 133 लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत विचारण किया जा सकता है। प्रार्थना पत्र पर दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद सीजेएम एमपी/एमएलए श्वेता चौधरी ने आदेश सुरक्षित कर लिया तथा मामले में पेशी के लिए 11 मार्च की तिथि नियत की। मामला दक्षिणटोला थाना क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार तत्कालीन निरीक्षक पंकज कुमार सिंह की तहरीर पर 12 फरवरी 2022 को चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में अपराध संख्या 27/22 धारा 188, 171 एच भादवि और धारा 133 लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज हुई थी। मामले में पुलिस ने विवेचना कर अब्बास अंसारी, उमर अंसारी, साकिब लारी, शाहिद लारी, इशराईल अंसारी और रमेश राम के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया है। मामले में आरोपी की ओर से उच्च न्यायालय के आदेश के साथ ही प्रार्थना पत्र देकर धारा 188, 171 भादवि के आरोप से मुक्त करने का अनुरोध किया गया। जिसपर सुनवाई के बाद सीजेएम एमपी/एमएलए श्वेता चौधरी ने अपना आदेश सुरक्षित कर लिया तथा अगली पेशी के लिए 11 मार्च की तिथि नियत की।