मऊ। बीते विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आचार संहिता व नफरती भाषण के दोनों मामलों में आरोपी विधायक अब्बास अंसारी की पेशी सोमवार को कासगंज जेल से वीडियो काॅफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई। एक मामले में आरोप पर बहस होनी है। वहीं, दूसरे मामले में उच्च न्यायालय ने मुकदमा खारिज कर दिया है। लेकिन अभी तक आदेश की नकल आरोपियों की ओर से दाखिल नहीं की गई है। एसीजेएम/ एमपी एमएलए कोर्ट श्वेता चौधरी ने एक मामले में बहस के लिए 29 सितंबर की तिथि तय की। वहीं, दूसरे मामले में 4 अक्तूबर की तिथि तय की।
पहला मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार एसआई गंगाराम बिंद की तहरीर पर शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज हुई। इसमें सदर विधायक अब्बास अंसारी व अन्य को आरोपी बनाया गया। आरोप था कि 3 मार्च 2022 को विधानसभा चुनाव के दौरान सदर विधानसभा सीट से सुभासपा के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहे अब्बास अंसारी ने नगर क्षेत्र के पहाड़पुर मैदान में जनसभा के दौरान कहा कि जनपद मऊ के प्रशासन को चुनाव के बाद रोककर हिसाब किताब करने व इसके बाद सबक सिखाने की धमकी मंच से दी गई थी।
पुलिस ने विवेचना कर सदर विधायक अब्बास अंसारी व उनके भाई उमर अंसारी, इलेक्शन एजेंट गाजीपुर जनपद के पुरानी कचहरी यूसुपुर मुहम्मदाबाद निवासी मंसूर अंसारी के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया है। मामले में आरोपी उमर अंसारी की पत्रावली अलग कर दी गई है। वह कोर्ट में हाजिर नहीं हो रहे हैं। एसीजेएम ने उमर अंसारी के विरुद्ध गैरजमानती वारंट के साथ ही उसकी संपत्ति कुर्क करने के लिए धारा 82 सीआरपीसी के तहत नोटिस जारी किया है।
मामले में अन्य आरोपियों की ओर से प्रार्थना पत्र देकर आरोप से मुक्त किए जाने की मांग किया है। जिसपर सुनवाई के लिए 29 सितंबर की तिथि नियत किया।दूसरे मामले में अभियोजन के अनुसार उपनिरीक्षक आदर्श श्रीवास्तव की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। आरोप है कि विधानसभा का चुनाव जीतने के बाद विजयी प्रत्याशी अब्बास अंसारी 10 मार्च 22 को बिना अनुमति के अपने समर्थकों के साथ विजय जुलूस निकाला। जिससे सड़क जाम हो गई।
शहर कोतवाली पुलिस ने मामले की एफआईआर दर्ज कर बाद विवेचना विधायक अब्बास अंसारी, उमर अंसारी, मंसूर अंसारी, शाहिद लारी,शाकिर लारी, गणेशदत्त मिश्रा, मोहम्मद ईशा,धर्मेंद्र सोनकर, जुल्फिकार के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया है। मामला एसीजेएम/ एमपी एमएलए कोर्ट में विचाराधीन चल रहा है। मामले में उच्च न्यायालय में मुकदमा खारिज कर दिया है। आदेश की नकल अभी दाखिल नहीं की गई हैं। एसीजेएम ने मामले में 4 अक्तूबर की तिथि नियत की है।