विधानसभा चुनाव के दौरान हेट स्पीच के मामले में आरोपी विधायक अब्बास अंसारी की पेशी बृहस्पतिवार को कासगंज जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई। आरोपी मंसूर अंसारी की ओर से आरोप से मुक्त किए जाने के लिए अर्जी दी गई। जिसपर बहस के लिए एसीजेएम/ एमपी एमएलए श्वेता चौधरी ने 27 अक्तूबर की तिथि नियत की। मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, एसआई गंगाराम बिंद की तहरीर पर शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज हुई। इसमें सदर विधायक अब्बास अंसारी व अन्य को आरोपी बनाया गया। आरोप था कि 3 मार्च 2022 को विधानसभा चुनाव के दौरान सदर विधानसभा सीट से सुभासपा प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहे अब्बास अंसारी ने नगर क्षेत्र के पहाड़पुर मैदान में जनसभा के दौरान मऊ के प्रशासन को चुनाव के बाद रोककर हिसाब किताब करने व इसके बाद सबक सिखाने की धमकी मंच से दी गई थी। पुलिस ने सदर विधायक अब्बास अंसारी व उनके भाई उमर अंसारी, इलेक्शन एजेंट गाजीपुर जनपद के पुरानी कचहरी यूसुफपुर मुहम्मदाबाद निवासी मंसूर अंसारी के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया है।
मामले में आरोपी उमर अंसारी की पत्रावली अलग कर दी गई है। वह कोर्ट में हाजिर नहीं हो रहे है। एसीजेएम ने उमर अंसारी के विरुद्ध गैर जमानतीय वारंट के साथ ही उसकी संपत्ति कुर्क करने के लिए नोटिस भी जारी किया है। एसीजेएम ने आरोप से मुक्त किए जाने की अर्जी पर सुनवाई के लिए 27 अक्तूबर की तिथि नियत किया।