मऊ। विधानसभा चुनाव के दौरान नफरती भाषण देने पर सुनाई गई सजा के खिलाफ अब्बास अंसारी की ओर से सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायालय में याचिका दाखिल की गई। जिला जज सुनील कुमार ने याचिका को स्वीकार करते हुए विपक्षी को नोटिस जारी करने का आदेश दिया। मामले को विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए राजीव कुमार वत्स की कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया। सुनवाई के लिए 10 जून की तिथि नियत कर दी है। गत 31 मई को सीजेएम ने अब्बास अंसारी को दो साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद अब्बास की विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई थी।
मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, एसआई गंगाराम बिंद की तहरीर पर शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज हुई थी। इसमें सदर विधायक अब्बास अंसारी व अन्य को आरोपी बनाया गया था। आरोप था कि 3 मार्च 2022 को सदर विधानसभा सीट से सुभासपा के प्रत्याशी के तौर पर मंच से अधिकारियों को धमकी दी थी। पुलिस ने विवेचना के बाद अब्बास अंसारी व उनके भाई उमर अंसारी, इलेक्शन एजेंट गाजीपुर जनपद के पुरानी कचहरी यूसुपुर मुहम्मदाबाद निवासी मंसूर अंसारी के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया था।
सीजेएम ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी अब्बास अंसारी और मंसूर अंसारी को दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद अब्बास अंसारी को दो वर्ष की सजा के साथ ही कुल 11 हजार रुपये अर्थदंड लगाया था। सजा के बाद सोमवार को अब्बास अंसारी की ओर से उनके अधिवक्ता दारोगा सिंह ने जिला जज की कोर्ट में अपील दाखिल की है। संवाद