मऊ। जिले का रानीपुर ब्लॉक के दुर्जेपुर गांव निवासी विशाल राजभर मुंबई में रहता है। उसे मनरेगा मजदूर दिखाकर मास्टररोल पर उसका नाम चढ़ाया गया। खाते में पैसा आने पर युवक को जानकारी हुई। सोशल मीडिया पर वीडियो जारी करके युवक ने यह जानकारी दी। प्रधानपति पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानपति जान से मारने की धमकी दे रहा है। वीडियो में विशाल राजभर ने बताया कि वो मुंबई में रहकर नौकरी करता है। कभी मनरेगा में मजदूरी नहीं की है। लेकिन बीते दिनों बैंक खाते में मनरेगा का 3528 रुपये आया। कुछ देर बाद ही गांव के प्रधान पति ने फोन करके कहा कि 200 रुपये तुम रख लो और शेष पैसा भेज दो। नहीं भेजने पर जान से मारने की धमकी दी। मनरेगा में ये फर्जीवाड़ा पंचायत सचिवों की मिलीभगत से होने का आरोप लगाया है।
एक सप्ताह पहले भी आया था इस तरह का मामला
अगस्त के पहले सप्ताह में रतनपुरा ब्लॉक के अइलख ग्राम पंचायत में इस तरह का मामला उजागर हुआ। प्रधान ने दो सगे भाइयों, चाचा और गांव के बाहर रहने वालों का भी मनरेगा में नाम चढ़ाकर मजदूरी का भुगतान कराया है।
वर्जन
वीडियो के माध्यम से जानकारी हुई है। पंचायत सचिव और प्रधान को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। ग्राम पंचायत से संबंधित मनरेगा के अभिलेखों की जांच कराकर दोषी पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
रमाकांत, बीडीओ
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प्रधानपति बोले : रंजिश में झूठी बयानबाजी कर रहा युवक
दुर्जेपुर के प्रधानपति रविंद्र राजभर ने बताया कि पुरानी रंजिश को लेकर युवक झूठी बयानबाजी कर रहा है। बीते एक साल से उससे न तो सामने से बातचीत हुई न ही फोन से। यदि उनके पास जान से मारने की धमकी देने का साक्ष्य है तो वो कानूनी कार्रवाई करा सकता है। मनरेगा भुगतान को लेकर बताया कि एक ही जॉब कार्ड नंबर पर विशाल और उनकी मां का नाम दर्ज है। मुंबई जाने से पहले वो मनरेगा में मजदूरी करता था, इसका भुगतान रुका हुआ था। उनके जाने के बाद मां काम करती रही। वही पैसा आधा आधा दोनों के बैंक खाते में गया है।