जिला अस्पताल में निशुल्क इलाज के बावजूद स्वास्थ्यकर्मियों पर मरीजों से राशि लेने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। सोमवार को तीस किलोमीटर दूर मधुबन तहसील के मर्यादपुर गांव से आए शेषनाथ ने अपनी पत्नी के इलाज के नाम पर 500 रुपये मांगने का आरोप लगाया है।
मामले की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन ने जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है। शेषनाथ ने बताया कि उनकी पत्नी मनभावती देवी को सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ हुई, जिसके बाद उन्हें तत्काल जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया।
आरोप है कि इमरजेंसी में इलाज के दौरान तैनात इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर द्वारा बाहर से दवाइयां लिखी गईं। साथ ही दवा, इंजेक्शन व अन्य उपचार संबंधी सुविधाओं के लिए उनसे पैसे की मांग की गई।
उन्होंने बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह निशुल्क उपचार के लिए अपने गांव से लगभग तीस किलोमीटर दूर जिला अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन यहां भी इलाज के नाम पर उनसे 500 रुपये मांगे गए।
मामला संज्ञान में आया है। अस्पताल में निशुल्क उपचार की सुविधा है और बाहर से दवाइयां लिखना मना है। यदि कोई बाहर की दवा लिखता है और मरीज के परिजन से पैसे की मांग करता है तो इसकी जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. धनंजय कुमार, सीएमएस
तीन महीने पहले भी लगा था आरोप
तीन माह पहले हलधरपुर थाना क्षेत्र के जमालपुर निवासी भोलू प्रजापति ने सोमवार दोपहर लगभग 3:30 बजे जहरीला पदार्थ खा लिया था, जिससे हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां उन्हें इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया।
मरीज के परिजनों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में तैनात एक फार्मासिस्ट ने इलाज के दौरान इंजेक्शन बाहर से मंगाने के नाम पर उनसे 1500 रुपये लिए। मरीज की पत्नी ने बताया कि डॉक्टर के कहने पर इंजेक्शन लाने की बात कहकर उनसे यह रकम ली गई थी। संवाद
दलालों का अड्डा बना जिला अस्पताल, कई मामले आ चुके
जिला अस्पताल में बड़े-बड़े अक्षरों में दलालों का प्रवेश भले ही वर्जित लिखा गया है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि यहां डॉक्टरों के चैंबर से लेकर इमरजेंसी और ब्लड बैंक तक में बाहरी लोगों की सक्रियता बनी हुई है।
बीते 19 सितंबर 2020 में निशुल्क सिटी स्कैन के नाम पर कोपागंज ब्लॉक के मोहम्मदपुर झझवा निवासी राम कुमार चौहान से 300 रुपये लेने का मामला सामने आया था। पीड़ित अपनी पत्नी हृदया देवी के सिर में परेशानी होने पर इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचे थे।
चिकित्सक द्वारा सिटी स्कैन कराने की सलाह दिए जाने के बाद कथित तौर पर बाहर मौजूद एक महिला और एक अन्य व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया और जांच कराने के नाम पर रुपये की मांग की।
पीड़ित ने असमर्थता जताई तो 300 रुपये लेकर जांच कराने की बात कही गई। जांच के बाद जब वह रिपोर्ट लेने पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि सिटी स्कैन का कोई शुल्क नहीं लगता है। इस पर विवाद हुआ और पीड़ित ने 112 डायल कर पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस कथित दलाल को थाने ले गई।