सोमवार को जिले की चारों तहसीलों में संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर अधिकारियों ने लोगों की समस्याएं सुनीं और निस्तारण के लिए टीम गठित करने के निर्देश दिए।
इस दौरान सबसे अधिक राजस्व और चकबंदी से संबंधित मामले प्राप्त हुए, जबकि सबसे कम प्रार्थनापत्र पुलिस विभाग से जुड़े रहे। कुल 521 प्रार्थनापत्रों में से 37 का मौके पर निस्तारण कराया गया।
जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन और पुलिस अधीक्षक ने मधुबन तहसील में पहुंचकर लोगों की फरियाद सुनी। मधुबन में कुल 135 मामले प्राप्त हुए, जिनमें राजस्व विभाग के 86, चकबंदी विभाग के 25, पुलिस विभाग के 15, विकास विभाग के 5 और अन्य विभागों के 4 मामले शामिल रहे।
इनमें से 18 शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि शेष को संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए सौंपा गया।
दोनों अधिकारियों ने सभी मामलों को गंभीरता से सुना और टीम गठित कर निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से राजस्व और भूमि विवाद से जुड़े मामलों में राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों को संयुक्त रूप से मौके पर जाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
घोसी तहसील में एसडीएम न्यायिक राजेश कुमार अग्रवाल और क्षेत्राधिकारी जितेंद्र सिंह ने फरियाद सुनी। यहां कुल 127 प्रार्थनापत्र प्राप्त हुए, जिनमें 90 राजस्व, 11 विकास, 2 पुलिस, 2 विद्युत, 2 नगर पंचायत और 1 समाज कल्याण विभाग से संबंधित थे। इनमें से 8 मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया।
मुहम्मदाबाद गोहना में मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव ने फरियाद सुनी। यहां 153 प्रार्थनापत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 6 का निस्तारण किया गया। चार मामलों के निस्तारण के लिए पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम बनाकर मौके पर भेजी गई। यहां सर्वाधिक 71 मामले राजस्व विभाग से संबंधित थे।
सदर तहसील में 106 प्रार्थनापत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 5 का मौके पर निस्तारण किया गया। छह मामलों में राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर मौके पर भेजी गई। यहां सर्वाधिक 65 मामले राजस्व, 9 पुलिस, 11 विकास और 15 अन्य विभागों से संबंधित रहे।