स्वच्छता मिशन के तहत चयनित गांवों में 20 मई के बाद खुले में शौच करने वालों को 50 रुपये जुर्माना देना पड़ेगा। इस अवधि के पूर्व गांव के ऐसे परिवार जिनके पास शौचालय नहीं हैं, जमीन में गड्ढा खोदने के बाद शौच कर सकते हैं लेकिन फिर उसे ढकना होगा। चयनित गांवों में इसकी मानीटरिंग के लिए अफसरों की तैनाती कर दी गई है। ये अधिकारी भोर में चार बजे तक गांवों में पहुंच जा रहे हैं। ग्राम प्रधान के संरक्षण में निगरानी टोली के महिला पुरुष सदस्य शौच जाने वालों को मनुहार करते हुए समझा रहे हैं कि जा रहे हैं तो प्लीज खुरपी भी साथ में ले जाएं और छोटो सा गड्ढा खोदने के उसका उपयोग करें और फिर बाद में उसे ढक भी दें। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव द्वारा दी गई समय सीमा 20 मई के बाद खुले में शौच करने वालों को 50 रुपये का जुर्माना देना होगा।
यह जुर्माना पुलिस एक्ट के तहत लगेगा। जुर्माना ग्राम स्वच्छता समिति के पास जमा होगा और इस रकम से उन असमर्थ परिवारों के लिए शौचालय बनवाने में खर्च किया जाएगा। सरवां गरीबपुर में ग्रामीणों में इसके प्रति गजब का उत्साह देखा जा रहा है। गांव में 19 सदस्यों की निगररानी समिति बनाइ गई है इसमें 6 महिलाएं और 13 पुरुष हैं। इस गांव के लिए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी डॉ. विजय प्रताप यादव और जिला समाज कल्याण अधिकारी जितेंद्र मोहन शुक्ल को नोडल अफसर बनाया गया है। दोनों अधिकारी रोजानाभोर में चार बजे ही कोपागंज ब्लाक के सरवां गरीबपुर पहुंच जा रहे हैं।
गांव के 80 असमर्थ परिवारों के लिए शौचालय निर्माण का जिम्मा ग्राम प्रधान ने लिया है। इसके लिए प्रस्ताव बनाया जाएगा। लोगों को कहा जा रहा है कि अस्थाई शौचालय के लिए एक मीटर गहरा गड्ढा खोदकर उसके पास सीट बिठाकर उसका घेरा बनाकर उपयोग किया जा सकता है। फिर रुपयों की व्यवस्था हो जाने पर ईंट की दीवार और छत बनाई जा सकती है। निगरानी समिति के सदस्य खुले में जा रही महिलाओं को महिला सदस्य और पुरुषों को पुरुष निवेदन कर रहे हैं कि खुरपी के साथ जाएं और शौच के बाद उसे ढक दें, लेकिन ऐसा 20 मई तक ही करें। इसके पूर्व शौचालय का निर्माण भी करा लें। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी विजय प्रताप यादव का कहना है कि सरवां गरीबपुर गांव में 75 परिवारों के शौचालय बने हैं। 125 परिवारों के पास शौचालय नहीं हैं इनमें 45 परिवार शौचाय बनावाने में सक्षम हैं लेकिन 80 गरीब परिवार असमर्थ हैं , इनके लिए ग्राम पंचायत की ओर से प्रस्ताव भेजा जाएगा और ग्राम पंचायत अपने स्तर से धन की व्यवस्था करके शौचालय निर्मित कराएगी।