अब दो सरकारी अस्पतालों में होगी डायलिसिस यूनिट की सुविधा, वर्तमान में जिला अस्पताल में 10 बेड के यूनिट पर 300 की वेटिंग
फोटो
रजनीकांत पांडेय
मऊ। जिले के कसारा स्थित कल्पनाथ राय मेडिकल कॉलेज में 10 बेड का डायलिसिस यूनिट का संचालन जल्द होगा। मेडिकल कॉलेज में मशीनें आ चुकी हैं, जिसे इंस्टॉल करने की कवायद नवंबर से शुरू कर दी जाएगी। इसके साथ डायलिसिस यूनिट की सुविधा जिलेवासियों को जिला अस्पताल के साथ मेडिकल कॉलेज में भी मिलेगी। मेडिकल कॉलेज में सुविधा शुरू होनेे से जिला अस्पताल में डायलिसिस यूनिट में वेटिंग की समस्या अब खत्म हो जाएगी। वेटिंग की समस्या खत्म होगी। अभ्ज्ञी जिला अस्पताल में ही केवल निःशुल्क डायलिसिस होने के चलते जिला अस्पताल में वेटिंग 300 से पार पहुंच चुकी है। इसके चलते मरीजों को दो से तीन महीने का लंबा इंतजार करना पड़ता है।
पीपीपी मॉडल के सहभागी और राजीव समाजिक शिक्षा संस्थान के चेयरमैन डॉ. मनीष राय ने बताया कि मेडिकल कालेज में नेत्र रोग, आर्थो, मेडिसिन, न्यूरो विभाग का संचालन 17 सितंबर से हो रहा है। मेडिकल कॉलेज में बीते 43 दिन में 70 हजार मरीजों का ओपीडी में इलाज किया जा चुका है। बताया कि इसी क्रम में अब दस बेड का डायलिसिस यूनिट शुरू होगा। बताया कि इसको लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, मशीनें आ चुकी हैं, इन्हें इंस्टॉल नवंबर से किया जाएगा। बताया कि 10 बेड के यूनिट से रोजाना 28 से 30 मरीजों का डायलिसिस हो सकेगा। वर्तमान में यह सुविधा जिले के जिला अस्पताल में है। लेकिन 10 बेड के यूनिट में लंबी वेटिंग एक प्रमुख समस्या है, ऐसे में मेडिकल कॉलेज में यह सुविधा शुरू होने के बाद यह समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
.............
प्रभारी मंत्री के आदेश के बाद भी जिला अस्पताल में नहीं बढ़ा बेड
मऊ। जिला अस्पताल में पहुंचने वाले किडनी की बीमारी से जूझ रहे मरीजों को डायलिसिस की सुविधा समय से नहीं मिल पा रही है। डायलिसिस के लिए मरीजों को अन्य शहरों के केंद्रों पर जाना पड़ रहा है या फिर निजी केंद्रों पर महंगी दर पर डायलिसिस करानी पड़ रही है। इसको लेकर बीते मई में ही जिले के प्रभारी मंत्री गिरिशचंद्र यादव ने जिला प्रशासन के साथ जिला अस्पताल प्रबंधन को बेड बढ़ाने का निर्देश दिया था। उधर, अस्पताल प्रबंधन इस संबंध में बीते मार्च से पांच बार बेड बढ़ाने का प्रस्ताव शासन, जिला प्रशासन को भेजने का दावा कर रहा है।लेकिन अब तक यहां बेड बढ़ाने की कवायद केवल कागजों पर हो रहा है।
............
लगातार बढ़ रहे हैं मरीज, कम पड़ने लगे बेड
मऊ। जिला अस्पताल में मरीजों के डायलिसिस के लिए चार सितंबर 2021 में दीपचंद डायलिसिस सेंटर की स्थापना पीपीपी मॉडल पर की गई है। उस समय छह मशीनें लगाई गई थीं। जहां मरीजों की वेटिंग बढ़ने पर मई 2023 में चार नई मशीन लगाई गईं, इससे सेंटर पर और मरीजों का डायलिसिस का लाभ मिलने लगा है। अब यहां दस बेड।बढ़ाने की मांग की गई हैं।
.........
मऊ के साथ पड़ोसी जिले के मरीज भी आते हैं
जिले के तीन निजी अस्पताल में संचालित और जिला अस्पताल के डायलिसिस यूनिट में जनपद के साथ पड़ोस के गाजीपुर, गोरखपुर, आजमगढ़ और बलिया से भी मरीज आकर डायलिसिस करा रहे हैं। जिला अस्पताल में बीते जनवरी 2024 से डायलिसिस कराने वाले मरीजों की संख्या बेड के हिसाब से 10 गुना अधिक होने के चलते यहां वेटिंग लिस्ट 350 तक पहुंच गई है। ऐसे में यहां मई से नए मरीजों की डायलिसिस प्रभावित है।
.........
ऐसे होती है डायलिसिस
मऊ। मरीज को डायलिसिस के लिए किसी किडनी के डॉक्टर का रेफर पर्चा अनिवार्य होता है। जिस पर चिकित्सक के डायलिसिस कराने की परामर्श होता है। चिकित्सक की सलाह के बाद मरीज का सेंटर पर पंजीकरण होता है। मरीज को आधार कार्ड के साथ दो फोटो लाना अनिवार्य है।
.........