मुहम्मदाबाद गोहना (मऊ) (सं.)। मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली क्षेत्र के अलाउद्दीनपुर गांव के रवींद्र को शांति भंग के आरोप में हिरासत में लेना पुलिस के लिए उस समय मुसीबत का सबब बन गया जब रवींद्र को छुड़ाने के लिए उसकी पत्नि ने तहसील में ही विषाक्त पदार्थ खा लिया और पति को छुड़ाने के लिए हंगामा करने लगी। घटना से हतप्रभ तहसील प्रशासन ने पति को छोड़ दिया और महिला को इलाज के लिए अस्पताल भेजा। उधर, तहसील प्रशासन का कहना है कि महिला ने विषाक्त नहीं खाया था बल्कि दबाव बनाने के लिए नाटक किया था। मालूम हो कि रवींद्र को एक बैनामे की भूमि पर कब्जा करने के आरोप में हिरासत में लिया गया था।
तहसील प्रशासन के अनुसार अलाउद्दीनपुर गांव के जनार्दन पाठक ने अपने हिस्से की जमीन अतरारी निवासी महेंद्र और हंसनाथ यादव को 20 जुलाई 2012 को ही बैनामा कर दी थी। बैनामे की जमीन पर जनार्दन के भाई रवींद्र का कब्जा था। जब भी महेंद्र और हंसनाथ जाते थे, उनसे वह मारपीट पर उतारू हो जाता था। मामला तहसील के अधिकारियों के संज्ञान में आया तो 30 जुलाई को पैमाईश कराकर बैनामे की जमीन पर महेंद्र और हंसराज को कब्जा दिलाया गया। इस दौरान रवींद्र ने विरोध किया, लेकिन उसकी एक न चली। अगले दिन उसने फिर अशांति फैलाने की कोशिश की तो एसडीएम के निर्देश पर रवींद्र को पुलिस पकड़कर थाने लाई। शुक्रवार को पुलिस जब रवींद्र को लेकर तहसील पहुंची तो रवींद्र की पत्नी सरिता भी वहां पहुंच गई और चिल्लाने लगी कि उसने जहर खा लिया है। यह सुनकर सभी हतप्रभ हो गए। आनन-फानन में रवींद्र को छोड़ दिया गया और सरिता को अस्पताल भेजा गया। इस संबंध में एसडीएम सुनील वर्मा का कहना है कि महिला ने जहर खाने का नाटक किया था, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए उसके पति को जमानत पर छोड़ दिया गया। रवींद्र बैनामे की भूमि पर कब्जा जमाए हुए था।