मऊ। जिले के परिषदीय विद्यालयों में विषम परिस्थितियों के चलते देरी से प्रवेश लेने वाले आउट ऑफ स्कूल बच्चों को ब्रिज कोर्स कराया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक ब्लॉक से दो-दो शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा। जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान में राज्य स्तर से प्रशिक्षित पांच मास्टर ट्रेनर शिक्षकों को तीन दिवसीय प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण लेने के बाद ट्रेनर ब्लॉक के नोडल शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे।
जिले के 1208 परिषदीय विद्यालयों में 9772 आउट आफ स्कूल बच्चों को दाखिला कराया गया। इन बच्चों को उनकी परिस्थितियों के चलते देरी से प्रवेश दिया गया। जो आयु वर्ग के हिसाब से परिषदीय विद्यालयों की अलग-अलग कक्षाओं में पढ़ाई कर रहे हैं। ऐसे में सामान्य बच्चों के साथ कोर्स समझने में दिक्कतें हो रही है। इस समस्या को दूर करने के लिए राज्य शिक्षा संस्थान प्रयागराज की ओर से ब्रिज कोर्स के तौर पर विस्तृत पाठ्य पुस्तक तैयार किए गए हैं।
जिसे पढ़ाने के लिए प्रत्येक विद्यालयों के शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षित किया जाना है।पहले चरण में जिले के पांच मास्टर ट्रेनरों को राज्य स्तर पर विशेष ट्रेनिंग की दी गई है। जिले स्तर पर प्रत्येक ब्लाॅक से दो-दो सहित 20 शिक्षकाें को नगर के इमिलिया स्थित जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण लेने के बाद 20 ट्रेनर अपने-अपने ब्लाक क्षेत्र के प्रत्येक विद्यालय के नोडल शिक्षकों को ट्रेनिंग देंगे। इस बाबत जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता आलोक कुमार सिंह का कहना है कि शीघ्र ही डायट मेें आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला में पांच मास्टर ट्रेनर 20 ट्रेनरों को विशेष प्रशिक्षण देंगे।प्रशिक्षण लेने के बाद ट्रेनर आउट ऑफ स्कूल बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रत्येक विद्यालय स्तर पर नोडल शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे।