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पीने का पानी और न ही प्रकाश

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इंदारा रेलवे जंक्शन सिर्फ नाम का जंक्शन रह गया है। स्टेशन परिसर में रात के समय अंधेरा पसरा रहता है। इसके अलावा कैंटीन का अभाव, आरक्षण की अल्पकालिक सेवासहित विभिन्न समस्याओं सें लोगों को जूझना पड़ रहा है। क्षेत्र का इंदारा जंक्शन प्रमुख रेलवे स्टेशन होने के चलते वाराणसी, मऊ, बलिया, गोरखपुर, सूरत, मुंबई, दिल्ली
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आदि महानगरों की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों की यहां काफी भीड़ रहती है, लेकिन सुविधाओं का इस कदर टोटा है की यात्रियों को आए दिन परेशान रहना पड़ता है।
स्टेशन पर दिव्यांग यात्रियों के लिए कोई अलग से टिकट खिड़की नहीं बनाई गई है, इससे दिव्यांग यात्रियों को टिकट कटाने के दौरान काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यहीं नहीं गर्मी शुरू होने के बाद भी स्टेशन पर वाटर कूलर की सुविधा शुरू नहीं हो सकी है। इससे यात्रियों को कड़ी धूप में टंकी का गर्म पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। इसके अलावा स्टेशन पर ट्रेनों के कोचों की लोकेशन के लिए लगा डिस्पले बोर्ड बीते कई माह से खराब पड़ा हुआ है। ऐसे में ट्रेन आने पर कोचों की सही स्थिति का अनुमान न मिलने पर यात्री सामान के साथ इधर उधर परेशान होकर अपने कोचों में पहुंचते हैं। सबसे बड़ी समस्या स्टेशन पर बना आरक्षण कांउटर है। जहां कुछ घंटों के खुलने से लोगों को मजबूरन टिकट के लिए जिला मुख्यालय जाने को मजबूर होना पड़ता है। इसके स्टेशन पर प्रकाश के लिए लगे लाइटें खराब होने से रात के समय अंधेरा पसरा रहता है। इसके अलावा स्टेशन पर परिसर में अतिक्रमण की समस्या से यात्रियों को दो चार होना पड़ता है। समस्या के संबंध में क्षेत्र के अंशारूलहक, गिरजाशंकर यादव, अफजाल अंसारी, वकील अंसारी, जितेंद्र यादव आदि का कहना है कि समस्याओं के संबंध में कई आला अधिकारियों को शिकायत कर चुके है, बावजूद समस्याओं का निस्तारण नहीं हो रहा है। इस बाबत स्टेशन अधिक्षक मुरली मनोहर सिंह का कहना है की सभी समस्याओं को विभागीय उच्य अधिकारी को अवगत करा दिया गया है। जल्द ही समस्याओं का निस्तारण करा दिया जाएगा।
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