जिला महिला अस्पताल में 12 बेड वाला शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एसएनसीयू) में दो चिकित्सक की तैनाती नवजात से लेकर एक माह तक के बच्चों के लिए वरदान साबित हो रही। पांच माह में अब तक 65 बच्चों का इलाज किया जा चुका है, इसमें 42 बच्चों का इलाज बीते दो माह में किया गया है। दरअसल शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एसएनसीयू) में बीते 9 माह से चिकित्सक न होने से बच्चों का इलाज नहीं हो पा रहा था। जिसके चलते प्रसव के बाद गंभीर रूप से बीमार बच्चों का इलाज परिजन नगर के निजी अस्पताल में कराने को मजबूर थ।
एसएनसीयू में तैनात दो चिकित्सक डॉ. एसएन राय तथा डॉ. मनोज ने तत्कालीन सीएमएस डॉ. माधुरी सिंह पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए मार्च 2018 में इस्तीफा दे दिया था। एक साथ ही दो चिकित्सकों के इस्तीफा देने के चलते एनएनसीयू वार्ड में बीमार बच्चों को भर्ती नहीं किया जा रहा था। नौ माह बाद नवंबर 2018 में दो चिकित्सक डॉ. प्रवीण सिंह तथा डॉ. एसएन राय की नियुक्ति एसएनसीयू वार्ड में बालरोग विशेषज्ञ पद पर नियुक्त किया गया। जिसके बाद एसएनसीयू में बच्चों की भर्ती शुरू हुईा। ऐसे में पांच माह में गंभीर रूप से बीमार 65 नवजातों का इलाज किया जा चुका है।
कोट
एसएनसीयू वार्ड को ओर भी बेहतर रूप से संचालित करने के लिए एक चिकित्सक की ओर तैनाती की जानी है। साथ ही उन्होंने सीएचसी-पीएचसी द्वारा भी गंभीर रूप से बीमार बच्चों को इलाज के लिए एसएनसीयू वार्ड में न भेजे जाने की बात कही। डॉ. आरके गुप्ता, सीएमएस