मऊ। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान की शुरुआत बुधवार को हुई। यह अभियान 13 फरवरी तक चलाया जाएगा। जिले के सभी सीएचसी-पीएचसी और नगरपालिका में गोष्ठियां आयोजित की गईं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतीश चन्द्र सिंह की अध्यक्षता में एंटीलेप्रसी डे के रूप में इस अभियान की शुरुआत हुई। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोगियों को स्पर्श करने से कुष्ठ रोग नहीं होता है, कुष्ठ रोगियों से भेदभाव नहीं करना चाहिए। उनके साथ समान व्यवहार करना चाहिए। इसी क्रम में जिलाधिकारी की घोषणा को सीएमओ ने पढ़कर सुनाया। घोषणा में कहा गया कि सभी जनपद के जिम्मेदार नागरिक है और प्रशासन यह घोषणा करता है कि अपने जिले को कुष्ठ से मुक्त बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। जिला कुष्ठ अधिकारी डा. एचएस राय ने कहा कि कुष्ठ रोग का पूर्णत: उपचार सम्भव है। कहा कि कुछ केसों में कुष्ठ रोग के इलाज में देरी से विकलांगता हो सकती है। उन्होंने कहा कि अभियान के तहत लोगों को बताया जाएगा कि कुष्ठ रोग से डरे नहीं, बल्कि कुष्ठ रोगियों के साथ सामान्य रोगियों की तरह व्यवहार करें। उनके साथ के साथ उठना, बैठना,खाना-पीना एवं सहज व्यवहार करें। इसके अलावा सभी ग्राम सभाओं एवं नगरीय और ब्लाकों में ग्राम प्रधानों द्वारा शपथ पढ़कर कुष्ठ जागरूकता अभियान संबंधी जानकारी दी गई। बताया कि पिछले सत्र में 177 कुष्ठ रोगियों की पहचान की गई और उनका इलाज जिला अस्पताल व सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के माध्यमों से किया जा रहा है। सीएमओ ने इस मौके पर दो चिह्नित कुष्ठ रोगियों को एमसीआर चप्पल, अप्लायंसेज एवं सेल्फ केयर किट प्रदान किया।