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कर प्रणाली का हो सरलीकरण

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मऊ। एक फरवरी को पेश होने वाले बजट को लेकर चर्चा तेज हो गई है। उद्यमी तथा व्यवसायी वित्त मंत्री से आस लगाए हुए हैं। इस मुद्दे पर उद्यमियों से बातचीत की गई तो अधिकांश लोगों ने टैक्स सीमा को आठ लाख तक बढ़ाने के साथ ही कर प्रणाली को सरलीकरण करने की बात कही।
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जिले में चार औद्योगिक आस्थान बनाए गए हैं। लेकिन सुविधाओं का अभाव है। विभागीय लापरवाही से औद्योगिक आस्थान में प्लाटों का आवंटन नहीं किया जा सका है। इसके चलते काफी संख्या में प्लाट आवासीय बनकर रह गए हैं। वहीं उद्यमियों को प्लाट न मिलने के चलते यूनिट नहीं लगा पा रहे हैं। बजट में उद्यमी बेहतर सुविधाएं मिलने की मांग कर रहे हैं।
लघु उद्योग भारती के जिला महामंत्री बालकृष्ण ठरड का कहना है कि टैक्स का दायरा ढाई से बढ़ाकर आठ लाख किया जाए। विद्युत दर को कम किया जाए। उद्यमियों को औद्योगिक क्षेत्र में उद्योग लगाने के लिए प्लाट आवंटन तथा मांग के अनुरुप कम ब्याज पर ऋण देने की पालिसी बनाई जाए। औद्योगिक आस्थानों में सभी सुविधाएं बहाल की जाए। इसी क्रम में ताजोपुर के दवा व्यवसायी प्रमोद गुप्ता का कहना है कि टैक्स की सीमा आठ लाख किया जाए। करदाताओं को सुविधाएं बहाल की जाए।
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व्यवसायी अवधेश गुप्ता का कहना है कि टैक्स जमा करने के बाद भी फार्म में भरी जानकारी में त्रुटि मिलने पर अधिकारियों द्वारा परेशान किया जाता है। कर प्रणाली को सरल बनाया जाए। साड़ी व्यवसायी रबिश तिवारी का कहना है कि टैक्स अदा करने के बाद भी सुविधा के नाम पर कुछ नहीं मिलता है। बजट में दुर्घटना बीमा की सुविधा एक करोड़ की जाए।
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