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यातायात माह में पुलिस करती है केवल दिखावा

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मऊ। शासन के आदेश पर पुलिस विभाग नवंबर माह को यातायात माह के रूप में मना रहा है, लेकिन इस माह में होने वाली कवायद और कार्रवाईयां महज कागजों तक सिमट कर रह गई है। इसका परिणाम है कि जिले में हादसों का सिलसिला जारी है। यातायात माह के शुरू हुए दस दिन पूरे हुए, इस दौरान जिले में सड़क दुर्घटना के दौरान छह की मौत हो चुकी है। मतलब हर दूसरे दिन हादसों में औसतन एक मौत हुई है।
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दूसरी तरफ जिले में हादसों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जनवरी से अब तक हादसों में 90 जाने गई हैं, साथ ही 209 लोग घायल हुए हैं। अभी वर्ष के समाप्त होने में तीन माह शेष है।
यातायात विभाग नवंबर माह में पूरे 30 दिनों तक यातायात के प्रति लोगों को जागरूक करने का काम करता है। इसमें मुख्य रूप से लोगों को यातायात से संबंधित जानकारियां देने का काम किया जाता है। ऐसे में विभाग की कवायदों पर एक नजर डालने पर पता चलता है कि विभाग द्वारा अब तक जिन विद्यालयों में जागरूकता गोष्ठी की गई, वो विद्यालय छोटे छोटे छात्रों के है। जहां कक्षा आठ तक के बच्चे ही शिक्षा ग्रहण करते हैं। विभाग की इस कागजी कवायद की देन है कि लोगों में जागरूकता का अभाव बना रहता है। जबकि शासन की मंशा है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस माह में यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाए। इस वर्ष में अब तक 209 सड़क हादसे हुए हैं। इनमें से अक्टूबर तक 90 लोगों की मौतें हो चुकी हैं। जबकि 209 लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। केवल नवंबर माह के दस दिनों में हुई 25 सड़क दुर्घटनाओं में छह लोग काल कवलित हो चुके हैं और 16 लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। ये केवल पुलिस के आंकड़े हैं। सड़क हादसों में होने वाली मौतों की संख्या इससे अधिक है, क्योंकि पोस्टमार्टम कराने से बचने के लिए बहुत से परिवार पुलिस में शिकायत नहीं कराते और उन मौतों की संख्या पुलिस के पास नहीं पहुंच पाती। पिछले दस महीनों में पुलिस ने कुल 636 वाहनों को सीज किया है इनमें से नवंबर महीने में 38 वाहन शामिल हैं। जनवरी से अक्टूबर तक 22 हजार 856 वाहन सीज किए गए हैं जबकि नवंबर महीने में अब तक महज 38 वाहन सीज किए गए है। नवंबर माह में 97 वाहनों से केवल 76 हजार 550 रुपये समन शुल्क वसूले हैं। इस अनुपात में अगर समन शुल्क की वसूली पुलिस करती है तो अगले 20 दिनों में लगभग दो लाख रुपये पुलिस और वसूल कर पाएगी। कुल मिलाकर नवंबर महीने में समन शुल्क की वसूली महज तीन लाख रह पाने के आसार हैं। वैसे अगर जनवरी से अब तक समन शुल्क वसूली पर नजर डालें तो अक्टूबर माह तक 20 लाख 73 हजार 550 रुपये वसूले गए थे। हालांकि इस बाबत एएसपी एसके श्रीवास्तव का कहना है कि पूरी सक्रियता से यातायात जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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