मऊ। शिक्षा सत्र का सातवां माह चल रहा है, लेकिन अधिकांश परिषदीय विद्यालयों में सुविधाओं का अभाव है। इसके चलते बच्चों को तमाम समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। जिले के प्रभारी मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार से प्रकरण की जांच कर सुविधाओं को बहाल कराने की संस्तुति की है।
जिले में 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। आरटीई के तहत बिजली, पेयजल, शौचालय सहित बुनियादी सुविधाएं बहाल करने का प्रावधान है। सुविधाओं को बहाल करने में विभागीय अधिकारी उदासीनता बरत रहे हैं। इससे बच्चों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। मॉडल स्कूल के रूप में उच्चीकृत कोपागंज ब्लॉक क्षेत्र के धवरियासाथ परिषदीय विद्यालय में शौचालय उपयोग करने लायक नहीं है। कई विद्यालय में बाउंड्री तक नहीं है। इस मामले में कोपागंज ब्लॉक के सहरोज ग्राम निवासी तथा भाजपा जिला कोषाध्यक्ष राघवेंद्र राय शर्मा द्वारा लिखे गए पत्र को विधान परिषद सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री कार्यालय को अग्रसारित किया था।
तत्कालीन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार द्वारा कागजी जवाब देकर निस्तारित कर दिया गया था। इसके बाद भाजपा नेता राघवेंद्र राय शर्मा ने एक बार फिर प्रभारी मंत्री नंदगोपाल नंदी पत्र लिखकर अवगत कराया। उत्तर प्रदेश सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने मामले को संज्ञान में लेते हुए बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार ) को प्रकरण की जांच कराकर परिषदीय विद्यालयों में सभी सुविधाओं को बहाल कराने की संस्तुति भेजी है।
प्रभारी मंत्री ने अपने संस्तुति पत्र में लिखा है कि शिकायतकर्ता द्वारा परिषदीय विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं को बहाल करने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र भेजा गया था लेकिन तत्कालीन बीएसए ने सुविधाएं उपलब्ध होने का जवाब देकर कागजी निस्तारित कर दिया गया जबकि आज भी स्कूल में मूलभूत सुविधा नहीं हैं।