मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट लोकेश नागर ने मारपीट के 29 वर्ष पुराने मामले में सुनवाई के बाद नामजद चार आरोपियों को दोषी पाते हुए एक-एक वर्ष की सजा के साथ ही पांच-पांच सौ रुपया अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा । मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र के बारी गांव सरवा का है ।
मामले के अनुसार, बारीगांव सरवा निवासी शुल्कदेव मौर्य पुत्र रामकिशन की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन है कि कोर्ट में विचाराधीन मुकदमा की रंजिश को लेकर उसके गांव के ही शंभू की साजिश में आकर रामबदन, हीरा यादव और सरजू पुत्रगण सुक्खू और सलीम पुत्र गफूर ने मिलकर 29 अक्टूबर 1994 को उसे मारपीट कर घायल कर दिया। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना रामबदन, हीरा, सरजू और सलीम के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया।
कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एपीओ राजेश कुमार मल्ल ने चार गवाहों को पेश किया। सीजेएम ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण रामबदन, हीरा, सरजू और सलीम को मारपीट का दोषी पाते सजा सुनाई।