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वार्डो में गंदगी का अंबार, नहीं सुनते जिम्मेदार

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नगर पंचायत चिरैयाकोट के लोगों को शहरी क्षेत्र होने के बाद भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। साफ-सफाई के अभाव में जहां कूड़ा जमा है, वहीं जल निकासी के लिए बनी नालियां कचरे से पटी हैं। इन वार्डो में अब तक फागिंग न कराए जाने से लोग मच्छरों के प्रकोप से परेशान हैं। जबकि जिम्मेदार लापरवाह बने हैं और अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे।
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बताते चले कि मुहम्मदाबाद गोहना तहसील क्षेत्र के चिरैयाकोट कस्बे को शासन द्वारा 2014-15 नगर पंचायत बनाया गया। इसके तहत चिरैयाकोट क्षेत्र को 15 वार्डो में विभाजित कर करीब 26 हजार निवासियों को मूलभुत सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्वित हुआ। लेकिन नगर पंचायत बने दो साल से ज्यादा समय बीतने के बाद नगर पंचायत खुद का भवन न होने के चलते कस्बे के ग्रामसभा ताजपुर के पंचायत भवन से संचालित होता है। नगर पंचायत के जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते नगर में साफ सफाई की व्यवस्था बदहाल है। इसके चलते नगर के वार्डो में चारो तरफ गंदगी पसरा है। गंदगी के चलते मच्छरों के आंतक बढ़ने से लोग परेशान है। कई बार शिकायतों के बाद छिड़काव न कराया जा रहा है। इसके अलावा वार्डो में लगे इंडिया मार्क हैंडपंप कई माह से खराब पड़े हैं, जिसे अब तक ठीक नहीं कराया जा सका है, वहीं जो हैंडपंप ठीक है वह दूषित जल दे रहे हैं। वर्तमान में नगर पंचायत द्वारा पुरानी हो चुकी जर्जर नलकूप और क्षतिग्रस्त हो चुकी पाइप लाईन से पानी की सप्लाई की जा रही है।
नगर पंचायत में सुविधाओं के अभाव को लेकर स्थानीय राकेशचंद, श्यामसुंदर गुप्ता, जमशेद अंसारी, लक्ष्मी गुप्ता, शकीला बानो, सुरेंद्रनाथ, अनीस अहमद आदि का कहना है कि इससे बेहतर सुविधा तो ग्राम पंचायत रहने पर मिलती थी।
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इस बावत चिरैयाकोट ईओ मनोज कुमार यादव का कहला है कि नगर पंचायत में सुविधाएं बहाल कराने के लिए पंचायत सदस्यों से प्रस्ताव मांगा गया है। शीघ्र ही सभी समस्याओं का निस्तारण का प्रयास किया जाएगा।
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