मऊ। नगर में गर्मी के तेवर बढ़ने के साथ ही भू-गर्भ जल स्तर भी तेजी से गिरजा जा रहा है। नगर पालिका के कई वार्डों में दस-दस फुट तक जल स्तर नीचे चले जाने से हैंडपंपों ने भी पानी उगलना बंद कर दिए हैं। ऐसे में नगर पालिका द्वारा मानकों के अनुसार नलकूपों मेें 500 से 800 लीटर प्रति मिनट पानी सप्लाई करने के बजाय कम ही पानी सप्लाई किया जा रहा है। साथ ही पाइप लाइन और ओवरहैड टैंकों में लीकेज के कारण पानी बर्बाद हो जा रहा है।
मऊ नगर की आबादी करीब साढ़े तीन लाख है। नगर पालिका द्वारा नगर को 42 वार्डों में पेयजल सहित अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाती है। नगर पालिका द्वारा नगर में जलापूर्ति के लिए 8 ओवरहेड टैंक बनाए गए हैं। इनमें से मातापोखरा, शाहीकटरा, पहाड़पुरा और भुजौटी में चार ओवरहेड टैंक जर्जर होने के बंद हैं। जबकि वर्तमान में केवल 4 ही चालू है। लेकिन इनमें में तकनीकी खराबी के चलते पानी स्टोर नहीं हो पाता है। लीकेज के चलते बीस प्रतिशत पानी बर्बाद हो जाता है। आबादी के हिसाब से 8 ओवरहेड के सापेक्ष केवल 4 ओवरहेड टैंक से सप्लाई के चलते भुजौटी, बलिया मोड़, महरनिया, दक्षिण टोला, काजीटोला, पठानटोला, मठिया टोला, डोमनपुरा, नियाजपुरा आदि दर्जनों मोहल्लों में पानी मकान की दूसरी मंजिल तक नहीं पहुंचता है। जलापूर्ति के लिए शहर में 35 नलकूप हैं, लेकिन इसमें भी सभी नलकूपों को चालू होने का झूठा दावा किया जा रहा है। मानक के अनुसार नलकूपों में 500 से 800 लीटर प्रति मिनट पानी का सप्लाई होना चाहिए, जोकि नहीं हो पा रहा है। नगर में पाइप लाइनों और ओवरहेड टैंकों में लीकेज के चलते पानी बर्बाद हो रहा है।
अमृत योजना के तहत चारों जर्जर ओवरहेड टैंकों का मरम्मत कार्य कराने के लिए प्रस्ताव बनाया जा चुका है। साथ ही चार ओवरहैड और 35 बड़े नलकूप और 50 छोटे नलकूप से रोजाना नगर में प्रति व्यक्ति 135 के सापेक्ष 100 लीटर पानी सप्लाई किया जा रहा हैं। - बीडी शर्मा, जलकल प्रभारी, नगर पालिका