महावीर जी सेवा समिति के तत्वाधान में नगर क्षेत्र के हनुमान नगर भीटी में हो रहे अष्टोत्तर रुद्राभिषेक एवं श्रीमदभागवत कथा के चौथेदिन बुधवार की सायं प्रवचन करते हुए प्रवचनकर्ता मणिरामदास महाराज ने कहा कि सतसंग एवं कथा के माध्यम से मनुष्य ईश्वर के सानिध्य में आता है। सतसंग विहिन मनुष्य मायाग्रसित होकर संसार में भअकता रहता है।
उन्होंने बताया कि जब जब धरती पर पाप बढ़ता है तब तब भगवान मनुष्य का रुप धारण कर पापियों का नाश करते हैं। द्वापर युग में कंस के अत्याचार से संपूर्ण जगत त्रस्त था तब भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण के रुप में जन्म लेकर कंस का संहार किया। सनातन धर्म के अनुसार भगवान विष्णु सर्व पापहारी, पवित्र और सब मनुष्यों को भेग तथा मोक्ष प्रदान करने वाले देवता हैं। प्रवचन के दौरान कृष्ण जन्म की मनमोहक झांकी प्रस्तुत की गई। कृष्ण जन्म के बाद पांडाल में उपस्थित महिलाओं ने सोहर गाया। आयोजक मंडल के द्वारा मिष्ठान्न भी वितरित कराया गया। इस अवसर पर अमरनाथ मिश्र, ऋषिकेष पांडेय, राम अवध सिंह, संजय राय, रिंकु राय, अखिलेश यादव, राधेश्याम जायसवाल, सुरेंद्र पांडेय, रमेश सोनकर आदि लोग रहे।