रतनपुरा। ब्लाक क्षेत्र के नगवा गांव में तीन किसानों के खेतों में फर्जी तरीके से पोखरी खुदाई तथा खेतों का समतलीकरण दिखाकर 5.43 लाख हजम करने का एक मामला जब उजागर हुआ, जब संबंधित किसानों ने इसकी शिकायत बयान हल्फी नोटरी के साथ किया। आश्चर्यजनक स्थिति यह है कि वर्ष 2016-17 में विभागीय अभिलेखों में जिन तीनों किसानों के खेत में पोखरियों की खुदाई दिखाकर पैसे का भुगतान करा लिया गया है। उन किसानों के खेत में पहले से ही उनकी निजी पोखरी रही है।
जल संचयन योजना के तहत मनरेगा योजना से रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र के नगवा गांव में सार्वजनिक पोखरियों की खुदाई की जानी थी। लेकिन विभागीय अधिकारियों की मिली भगत से गांव निवासी तथा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के जिला संघ चालक राजनरायन सिंह के साथ ही साथ अन्य तीन लोगों के खेत में फर्जी पोखरी की खुदाई दिखाकर लाखों रुपये ग्राम प्रधान सहित विभागीय अधिकारियों ने सरकारी रकम को हजम कर लिया। फर्जी तरीके से खुदाई किए गए पोखरियों पर नजर डाला जाए तो राजनरायन सिंह के आराजी नंबर559(क) के खेत में फर्जी खुदाई दिखा कर लगभग एक लाख साठ हजार रुपए का भुगतान करा लिया गया। जबकि ध्रुव नरायण सिंह के आराजी नंबर(59)नंबर के खेत को राजू चौहान के नाम पर पोखरी की खुदाई दिखा कर एक लाख बयालीस हजार का भुगतान और बाबू राम राजभर के गाटा संख्या 55 (क) में समतली करण दिखाकर लगभग 73 हजार रुपया खर्च किया गया है। बाबू राम के ही गाटा संख्या (360) में पोखरी की फर्जी खोदाई दिखाकर लगभग एक लाख अरसठ हजार रुपया का भुगतान दिखाया गया है। बाबू राम के पुत्र शयामदेव के नाम से बाबू राम के खेत पर फर्जी समतलीकरण भी दिखा कर भुगतान करा लिया गया है। फर्जी तरीके से पोखरी खुदाई करने तथा समतलीकरण करने के मामले में पूर्व सैनिक संगठन के ब्लाक अध्यक्ष परमात्मानंद सिंह ने तीनों किसानों का शपथ पत्र देते हुए खंड विकास अधिकारी को शिकायती पत्र देने के साथ ही मामले की जांच कराए जाने की मांग की है। साथ ही जिलाधिकारी को भी पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। वहीं नगवा ग्राम प्रधान रमेश चौहान का कहना है कि आरोप लगाने वालों से उसकी रंजिश चलती है। खंड विकास अधिकारी फैसल आलम ने बताया कि शिकायत मिलने पर इस मामले की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने पर दोषी व्यक्ति से धन की वसूली कराई जाएगी। साथ ही संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।