पंजाब के गुरदासपुर जिले से गेहूं की रैक लेकर मऊ स्टेशन पर शुक्रवार की रात पहुंची मालगाड़ी के रैक का सील तोड़कर 818 बोरी गायब मिले। इसका खुलासा शनिवार को उस समय हुआ जब एफसीआई के अधिकारियों की टीम ने गेहूं लदे बैगनों का निरीक्षण किया। इस दौरान मालगाड़ी के दो वैगनों में नकली सील लगी मिली। एफसीआई के अधिकारियों ने इसकी लिखित शिकायत आरपीएफ में की। शिकायत पर आरपीएफ ने एफसीआई विभाग के साथ माल बाबू की मौजूदगी में दोनों बैगनों को खोलवाया। तब 818 बोरे गेहूं गायब होने की पुष्टि हुई। जिसके बाद एफसीआई के अधिकारियों ने रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए आरपीएफ को तहरीर दी।
एफसीआई के डिपो प्रबंधक अमरनाथ यादव ने बताया कि पंजाब के गुरदासपुर जिले से 42 वैगन में गेहूूं लादकर मऊ के लिए तीन अक्तूबर को रवाना हुई मालगाड़ी 11वें दिन शुक्रवार की शाम स्टेशन पर पहुंची। अमरनाथ की मानें तो इस मालगाड़ी को पांच दिन के अंदर आ जाना चाहिए था।
लेकिन रेलवे ने बताया कि मुरादाबाद में किन्हीं कारणों से मालगाड़ी कई दिनों तक रुकी रही। ऐसे में 10 दिन देर से शुक्रवार की शाम पहुंची मालगाड़ी के दो वैगन पर नकली सील लगा मिला। संयोग से निकासी में लगे मजदूरों ने नकली सील को पहचान लिया। मजदूरों के सूचना पर एफसीआई के अधिकारी मौके पर पहुंचे। इस दौरान आरपीएफ और रेलवे के अधिकारियों को साथ लेकर जब दोनों बैगनों को खोला गया तो अंदर से 818 बोरी गेहूं कम मिले। अमरनाथ यादव ने बताया कि कागज के हिसाब से मालगाड़ी में 23 हजार क्विंटल गेहूं लोड होना चाहिए था। लेकिन चार सौ नौ क्विंटल गेहूं कम आया। जिसके बाद एफसीआई के मऊ डिपो के प्रबंधक अमरनाथ यादव द्वारा आरपीएफ मेें लिखित सूचना दर्ज कराई गई।