मऊ/घोसी। आखिरकार विभागीय अधिकारियों ने शिक्षा सत्र के छह माह बाद शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने की सुधि ले ही लिया। अमर उजाला ने अपने पांच अक्तूबर के अंक में पेज नंबर दो पर करोड़ों खर्च के बाद भी स्कूल नहीं पहुंच रहे बच्चे शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर को संज्ञान में लेकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी त्रिपाठी ने खंड शिक्षा अधिकारियों को शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। विद्यालयों में नामांकन के सापेेक्ष दयनीय उपस्थिति मिलने पर प्रधानाध्यापकों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का फरमान जारी किया है। घोसी शिक्षा क्षेत्र में बीईओ के निरीक्षण में नामांकित बच्चों के सापेक्ष काफी कम उपस्थिति मिली। जिसके बाद 24 प्रधानाध्यापकों को नोटिस दी गई है।
जिले मेें 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों क ा शत प्रतिशत ठहराव नहीं हो पा रहा है। इस मामले में अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद बीएसए ओपी त्रिपाठी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त रुख अपनाया है। बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारियों से विद्यालयों में नामांकन के सापेक्ष कम उपस्थिति रहने वाले स्कूलों की रिपोर्ट मांगी है। इसी क्रम में बीएसए के निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारी संजीव सिंह ने शनिवार को घोसी ब्लॉक के दो दर्जन से अधिक परिषदीय प्राथमिक तथा जूनियर हाई स्कूलों के निरीक्षण किया। निरीक्षण में विद्यालयों में नामांकन के सापेक्ष विद्यार्थियों की कम उपस्थिति को लेकर संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापकों तथा शिक्षकों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने की चेतावनी दिया। खंड शिक्षा अधिकारी ने निरीक्षण में पाया कि प्राथमिक विद्यालय बनियापार में नामांकित 35 के सापेक्ष 15 बच्चे उपस्थित पाए गए। प्राथमिक विद्यालय चक विश्वनाथ में नामांकित 26 के सापेक्ष 15 उपस्थित पाए गए। प्राथमिक विद्यालय सिपाह द्वितीय में 54 के सापेक्ष मात्र 14 बच्चे उपस्थित मिले। जूनियर हाईस्कूल कारीसाथ के निरीक्षण में मात्र 20 बच्चों का नामांकन पाया गया। इसी तरह प्राथमिक विद्यालय बेलभद्रपुर, प्राथमिक विद्यालय परवेजपुर, प्राथमिक विद्यालय चक सैयद अशरफ के साथ जूनियर हाईस्कूल के साथ दो दर्जन से अधिक परिषदीय विद्यालयों में कम नामंकन के साथ उपस्थिति भी कम रही। इस बाबत खंड शिक्षा अधिकारी संजीव सिंह ने बताया कि निरीक्षण में दो दर्जन परिषदीय विद्यालयों में नामांकित बच्चों सापेक्ष काफी कम उपस्थिति मिली है। प्रधानाध्यापकों को नोटिस दी गई है। विद्यालयों में बच्चों की शत प्रतिशत उपस्थिति न मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।