जिले के 108 शैक्षणिक संस्थानों की प्रबंधन/प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही से दशमोत्तर छात्रवृत्ति के साथ उनकी शुल्क प्रतिपूर्ति योजना से वंचित हो जाएंगे। लापरवाही करने में डिग्री कॉलेज, आईटीआई, बीटीसी, पॉलिटेक्निक, मदरसा सहित 108 संस्थाएं शामिल है, जो मास्टर डाटा का अपग्रेडेशन कार्य करने में नाकाम पाई गई है। मास्टर डाटा पूर्ण न होने की स्थिति में संबंधित जिले के हजारों छात्र छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति योजना से वंचित हो सकते हैं। पिछले शैक्षिक सत्र में भी जिले में 72 हजार से अधिक छात्र इन योजनाओं के लाभ से वंचित रह गए थे। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने इन संस्थाओं से स्पष्टीकरण मांगा है।
जिले में लगभग 606 माध्यमिक विद्यालय, 145 डिग्री कालेज हैं। इसके अलावा आईटीआई, बीटीसी, पॉलिटेक्निक, मदरसा संचालित हैं। दशमोत्तर छात्रवृत्ति तथा शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का लाभ लेने के लिए पहले मास्टर डाटा बेस में शामिल होने एवं डिजिटल लॉक के छात्रवृत्ति वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। जनपद के मास्टर डाटा में शामिल होने के लिए सात अगस्त तक अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। बगैर मास्टर डाटा में शामिल हुए छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति को फार्म नहीं भरवा सकेंगे। समय सीमा में दो दिन ही शेष हैं, लेकिन अब तक 108 संस्थाओं द्वारा अपने संस्था से संबंधित मास्टर डाटा का अपग्रेडेशन कार्य पूरा नहीं किया है। मास्टर डाटा पूर्ण न होने की स्थिति में छात्र योजना से वंचित हो सकते हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने संस्थाओं से स्पष्टीकरण मांगा है। इस बाबत जिला समाज कल्याण अधिकारी मुक्तेश्वर चौबे का कहना है कि निर्धारित समय के अंदर संस्था से संबंधित मास्टर डाटा का अपग्रेडेशन कार्य पूरा न होने की स्थिति में छात्र छात्राएं योजना से वंचित हो जाएंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक को सूची भेज दी गई है। साथ ही ऐसी संस्थाओं से स्पष्टीकरण मांगा गया है।