मऊ। जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयश्री आहूजा की अदालत ने गुरुवार को हत्या और दहेज हत्या के मामलों में दो आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। पहला मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार भुजौटी मुहल्ला निवासी राम विलास पुत्र हरनाथ की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। वादी का कथन था कि 26 अक्टूबर 2018 को उसके चचेरे भाई जितेंद्र पुत्र रामचंद्र की हत्या कर उसका शव ग्राम खालसा चक गोयल में फेंक दिया गया था। पुलिस की विवेचना के दौरान आरोपी भुजौटी मुहल्ला निवासी उमेश पुत्र स्व. स्वामीनाथ का नाम प्रकाश में आया। मामले में आरोपी की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई, जिसे सुनवाई के बाद अदालत ने खारिज कर दिया। दूसरा मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है। कोतवाली घोसी क्षेत्र के विक्कमपुर गांव निवासी रामभजन की पुत्री निर्मला को दहेज के लिए उसके ससुराल वाले प्रताड़ित करते थे। वादी के अनुसार 30 अक्टूबर 2018 को निर्मला को उसके ससुराल वालों ने दहेज के लिए मार डाला। मामले में आरोपी पति राकेश विश्वकर्मा पुत्र केदार विश्वकर्मा की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई। जिला एवं सत्र अदालन ने सुनवाई के बाद आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। बचाव पक्ष के वकील के अलावा डीजीसी फौजदारी राजेश कुमार सिंह राज ने बहस की।