मऊ। पुलिस परिवार परामर्श केंद्र की बैठक रविवार को पुलिस लाइंस स्थित महिला थाने में अपर पुलिस अधीक्षक शिवाजी शुक्ला की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इसमें कुल 30 पारिवारिक मामले आए जिसमें परामर्श केंद्र के सदस्यों के प्रयास से 12 मामलों का निस्तारण किया गया। इनमें चार जोड़े आपसी मतभेद भुलाकर साथ-साथ रहने को तैयार हो गए। जिसके चलते आठ परिवारों के बीच टूट की कगार पर पहुंच चुका रिश्ते जुड गए, जिससे उनकी खुशियां एक बार फिर लौट आई। शेष मामलों में बैठक की अगली तिथि सात जनवरी 2018 नियत कर पक्षकारों को नोटिस भेजे जाने का निर्देश दिया गया। परामर्श केंद्र के सदस्यों के प्रयास से रुकमणि और रविशंकर, शकुंतला और अखिलेश, आरती और देवेंद्र तथा सीता और संदीप ने अपने सभी मतभेद भुलाकर साथ- साथ रहने को राजी हो गए। जिसके चलते आठ परिवारों में रिश्तों में आई खटास दूर हो गई। वही गुंजन और उमाशंकर, वंदना और रामध्यान, अनुज और सुमन, माजिदा खातून और रसीद अहमद, कलावती और भूपेंद्र, गीता देवी और सोनी यादव, सुमन और केशवर तथा दिलजहां और सेराज के मामले में कोर्ट में विचाराधीन होने तथा पक्षकारों की अनुपस्थिति के चलते मामला निस्तारित कर दिया गया। इस दौरान आठ मामलों में पक्षकारों ने सुलह के लिए समय की मांग किया, तथा दस मामलों में एक-एक पक्षकार उपस्थित हुए जिसके चलते बैठक की अगली तिथि सात जनवरी 2018 नियत कर पक्षकारों को नोटिस भेजे जाने का निर्देश दिया गया। बैठक में एएसपी शिवाजी शुक्ला के अलावा परामर्श केंद्र के सदस्यगण सर्वेश दूबे, अर्चना उपाध्याय, विनोद कुमार सिंह, रत्नेश पांडेय, डा. एमए खान, मौलवी अरसद, इब्राहिम सेवक के अलावा दीवान चंदा सिंह, महिला आरक्षी प्रमिला पटेल, पुष्पा गुप्ता ने योगदान दिया। इस मौके पर काफी संख्या में पक्षकार और उनके परिजन उपस्थित रहे।