पहसा। मनरेगा मजदूरों को तयशुदा समय सीमा के भीतर मजदूरी का भुगतान न करने पर जिले के आठ ब्लाकों के विभिन्न गांवों में तैनात 24 ग्राम विकास अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई। सुप्रीम कोर्ट के एक निर्णय के अनुपालन में उपायुक्त श्रम रोजगार ने यह कार्रवाई की। इस कार्रवाई के बाद विभाग मे हड़कंप मचा हुआ है।
जनपद के विभिन्न विकास खंडों में मनरेगा के तहत कार्य कराए गए है। इन कार्यो में लगभग 93 हजार मानव दिवस कार्य हुए। जिसमें करीब 25 हजार मनरेगा मजदूर परिवारों ने मजदूरी की। शासन द्वारा मजदूरी के भुगतान के लिए 17 करोड़ की धनराशि निर्गत कर दी गई। लेकिन समीक्षा के दौरान पाया गया कि मुहम्मदाबाद गोहना विकास खंड को छोड़ जिले के अन्य किसी भी ब्लाक में काम के एवज में मजदूरों का भुगतान ग्राम विकास अधिकारियों के स्तर से नहीं किया गया। तय सीता के भीतर मजदूरी का भुगतान न करने पर विभाग ने जिले के रतनपुरा, कोपागंज, घोसी, मधुबन, फतेहपुर मंडाव, बडरांव, दोहरीघाट आदि विकास खंडो के 24 ग्राम विकास अधिकारियों के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि जारी किया है।
मनरेगा मजदूरों को उनकी मजदूरी तय समय सीमा के अंदर भुगतान न करना एक गंभीर मामला है। प्रथम दृष्टया जिन लोगों को दोषी पाया गया, उन्हें प्रतिकुल प्रविष्टि जारी की गई है।-तेजभान सिंह उपायुक्त श्रम रोजगार