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हत्या और मारपीट के क्रास केस में सात आरोपी दोषमुक्त

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मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर तीन लालचंद गुप्ता ने हत्या और मारपीट के क्रास केस के मामले में नामजद आठ आरोपियों में सात को संदेह का लाभ देकर दोषमुक्त कर दिया। जब कि मुख्य आरोपी सागर चौहान की मौत हो जाने के चलते उसके विरुद्ध मुकदमें की कार्यवाही समाप्त कर दी गई थी। मामला दोहरीघाट थाना क्षेत्र के महावलचक गांव का है।
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मामले के अनुसार जमीन के विवाद को लेकर 11 जून 1998 को दो पक्षों में मारपीट हो गई। इसमें एक पक्ष के सदाफल की मौत हो गई जब कि दूसरे पक्ष से बलिराम को चोटे आई। जयकरन चौहान की तहरीर पर सदाफल की मौत के संबंध में बलिराम चौहान, राजेश चौहान, सागर चौहान और लछिराम को नामजद करते हुए हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। वही बलिराम ने भी जयकरन, शिवप्रसाद, मुसाफिर और रामा के विरुद्ध मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने दोनों पक्षों की रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी हरिनरायन विश्वकर्मा ने हत्या वाले मामले में आठ गवाह तथा मारपीट वाले में छह गवाहों को पेशकर अपना पक्ष रखा।
बचाव पक्ष से कहा झूठा फसाने और क्रास केस का हवाला देते हुए अपना-अपना पक्ष रखा। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्को को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण बलिराम, राजेश, लछिराम को हत्या के मामले में दोषमुक्त कर दिया। वही आरोपीगण जयकरन, शिवप्रसाद, मुसाफिर और रामा को मारपीट के मामले में दोषमुक्त कर दिया। हत्या के मामले के मुख्य आरोपी सागर की मौत हो जाने के चलते उसके विरुद्व मुकदमा की कार्यवाही समाप्त कर दी गई थी।
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