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पुलिस की कार्रवाई में आड़े आ रहा कोर्ट का आदेश

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मऊ। लोकसभा चुनाव के लिए जारी आदर्श आचार संहिता का पालन कराने के क्रम में शस्त्र लाइसेंस को जमा कराने की कवायद पर हाईकोर्ट का फैसला आड़े आने लगा है। इसका परिणाम है कि पुलिस जिले में मौजूद 6200 में से महज 300 असलहों को जमा करा सकी है। हालांकि प्रशासन कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए असलहा जमा करने के लिए बीच का रास्ता निकाली है।
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11 थाने वाले मऊ जिले में 6200 लोगो के पास शस्त्र का लाइसेंस है। जबकि तीन सौ के करीब लाइसेंस हथियार थानों में जमा कराने लिए गए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक एस के श्रीवास्तव ने बताया कि चुनाव आयोग ने इस बार उच्चतम न्यायालय के गाइड लाइन पर लाइसेंसी हथियार जमा कराए जा रहे हैं। निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान कानून और सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात बैंक सुरक्षा कर्मियों, सीमा सुरक्षा बल, अद्र्ध सैनिक बल, सशस्त्र पुलिस होम गाड्र्स, कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अधिकृत किए गए केन्द्रीय कर्मचारियों, ऐसे व्यक्ति जिनको धार्मिक परंपरा के अनुसार निर्धारित श्रेणी का शस्त्र रखने के लाइसेंस दिए गए हैं और अन्य ऐसे आपराधिक पृष्ठभूमि वाले या शांतिभंग करने वाले, किसी मतदाता या मतदाताओं के समूह को भयग्रस्त कर निर्भय, निष्पक्ष मतदान प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करने वाले, संवेदनशील, अति संवेदनशील मतदान केंद्रों के अधीन निवास करने वाले लाइसेंस धारकों को चिन्हित कर उनके लाइसेंस जमा कराने की कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी शस्त्र लाइसेंस धारक को हथियार जमा कराने के संबंध में कोई आपत्ति है तो वह इस संबंध में पत्र संबंधित थाना अधिकारी को प्रस्तुत करेगा।
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