कोपागंज। बिजली विभाग की उदासीनता के चलते तमाम गांवों में आज भी बांस-बल्ली के सहारे बिजली आपूर्ति हो रही है। सालों पहले लगाए गए लकड़ी के पोलों से तार ले जाए गए हैं। जर्जर पोल कब धराशायी हो जाएं किसी बड़ी दुर्घटना को दावत दे दें कुछ कहा नहीं जा सकता। यहीं समस्या कोपागंज ब्लाक के हिकमा गाड़ा में देखी जा सकती है। जहां ग्रामीण आज भी बांस-बल्ली के सहारे बिजली आपूर्ति की जा रही है। हिकमा गाड़ा गांव के मुस्लिम बस्ती में करीब 100 घरों द्वारा बिजली आपूर्ति बांस बल्ली जगह-जगह लगाकर तार को लाकर कर रहे है। ग्रामीणों द्वारा लगाए बांस के तमाम पोल सड़ चुके हैं, जो कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। पोल पर बिछाए गए तार काफी नीचे आ चुके हैं जिससे राहगीरों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है। अक्सर तारों के उलझे होने की वजह से लोकल फाल्ट की घटनाएं भी होती रहती हैं। जब भी तेज हवा चलती है, राहगीर सहित आसपास के मकान वाले भी सहम जाते हैं। यह गांव तो महज बानगी है क्षेत्र के दर्जनों गांवों में आज भी विभाग इन्हीं जर्जर बांस-बल्ली के पोलों के सहारे आपूर्ति कर रहा है। उपभोक्ताओं से नियत समय पर बिल की वसूली के लिए विभाग अभियान तो चलाता है लेकिन लोगों की समस्याएं निस्तारित करने में कोई दिलचस्पी नहीं है। इतना ही नहीं कई बार लोगों ने विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग भी की, लेकिन विभाग ने एक न सुनी। उपभोक्ता अकरम, अखरूजमा, नुरुल अखलाख, अनीश, इमरान ने बताया कि कई बार इन जर्जर पोलों को हटाने की मांग की गई पर ध्यान नहीं दिया गया। हर माह समय से बिजली बिल तो घर पहुंच जाता है और वसूली के लिए भी काफी दबाव बनाया जाता है लेकिन हमारी समस्याओं को दूर करने का कोई उपाय नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में नवागत अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय चंद्र बिंदु प्रकाश का कहना है कि कहीं भी बांस बल्ली के सहारे बिजली सप्लाई नहीं होने दी जाएगी। वे इसे गंभीरता से देखेंगे और पोल गड़वाने का प्रयास करेंगे।