पोषण अभियान के अंतर्गत कुपोषण की रोकथाम के लिए एक दिवसीय ओरिएंटेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम नगर पालिका कम्यूनिटी हाल में आयोजित किया गया। आईसीडीएस के नोडल अधिकारी राधेश्याम पाल एवं पोषण मिशन की मांडवी ने उद्घाटन किया।
इस अवसर पर नोडल आईसीडीएस राधेश्याम पाल ने कहा कि मातृ एवं शिशु कुपोषण, शिशु और बाल मृत्यु का एक प्रमुख कारण है। कुपोषण के समस्या को प्रभावी स्वास्थ्य पोषण, पेयजल और स्वच्छता उत्तरजीविता, खाद्य सुरक्षा के हस्तक्षेपों के माध्यम से रोका जा सकता है। पोषण में निवेश का एक आर्थिक तर्क भी है क्योकि कुपोषण प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से व्यक्तिओं परिवारों समुदायों पर हानिकारक प्रभाव डालता है। प्रदेश में प्रत्येक दो महिलाओं किशोरियों में एक एनिमिक है। पांच वर्ष की आयु का हर दूसरा बच्चा नाटा और प्रदेश का हर तीसरा बच्चा कम वजन का है। शिशुओं के जन्म के एक घंटे के अंदर स्तनपान, आयु अनुसार टीकाकरण सुनिश्चित कराना, सभी लाभार्थियों को सूक्ष्म पोषण तत्व जैसे विटामिन-ए, आयरन फोलिक एसिड आदि का संपूर्ण सुनिश्चित कराना, पुरूषों के साथ बैठकर इस कार्य में ग्राम प्रधान का सहयोग लिया जाए। इस अवसर पर पानमति देवी, अर्चना, पुष्पा, विजय लक्ष्मी, शशि राय, पुष्पलता, कचंन, कौशिल्या, बीना राय, संध्या राय, मीना आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपजिलाधिकारी सदर अंकुर लाठर ने किया।