खाद्यान्न की कालाबाजारी रोकने और पात्रों को लाभ देने के लिए सरकारी कोटे की दुकानों पर ई-पॉस मशीन के जरिए अनाज वितरण की व्यवस्था की गई। लेकिन सर्वर डाउन रहने से राशन कार्डधारकों को समय से खाद्यान्न नहीं मिल पा रहा है। परेशान लोग कोटेदारों के यहां चक्कर रहे। ऐसे में डीएसओ ने मैनुअल तरीके से खाद्यान्न वितरण कराने को कहा है।
जिले में 396728 अंत्योदय, पात्र गृहस्थी कार्डधारक हैं। शासन की तरफ से शहरी तथा ग्रामीण इलाकों में खाद्यान्न की कालाबाजारी रोकने के लिए 858 सरकारी कोटे की दुकानों पर ई-पॉस मशीन लगाने का फरमान जारी किया गया। शहरी इलाकों में तो ई पॉस मशीन से खाद्यान्न वितरित तो हो रहा है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में यह तकनीकी व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। राशन कार्डधारकों की मानें तो कभी ई-पॉस मशीनों के खराब तो कभी सर्वर डाउन होने के चलते खाद्यान्न नहीं मिल पा रहा है। इसको लेकर सस्ते गल्ले की दुकानों पर आए दिन हंगामा हो रहा है।
गंगऊपुर गांव के ग्राम प्रधान उमेश राजभर का कहना है कि नवंबर माह बीतने को है, अभी तक लाभार्थियों को खाद्यान्न का वितरण नहीं किया जा सका है। ई-पॉस मशीन में तकनीकी खामी के चलते कोटेदारों द्वारा लाभार्थियों को बैरंग लौटा दिया जा रहा है। शिकायत के बाद भी समस्या का निस्तारण नहीं किया जा सका है।
जिला पूर्ति अधिकारी नरेंद्र तिवारी का कहना है कि सर्वर डाउन होने से समस्या आ रही है। ई-पॉस मशीन में तकनीकी समस्या की स्थिति में कागजी प्रक्रिया पूरी कर खाद्यान्न वितरित करने का फरमान जारी कर दिया गया है। औचक निरीक्षण में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।