मऊ। शिवपुराण को पढ़ने वाले को भोग और मोक्ष दोनों प्राप्त होते हैं। अनजाने में अगर किसी से पाप हो जाए और वह शिवपुराण पढ़ता है तो वह घोर पाप से मुक्त हो जाता है। शिव पुराण सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। उक्त बातें रविंद्र महाराज ने कहीं। वह मां विंध्यवासिनी सेवा समिति के तत्वावधान में भीटी में चल रहे शिवमहापुराण कथा के आठवें दिन भगवान शिव के स्वरूपों के बारे में चर्चा कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि मांगने से जहां प्राप्त होता है उसे कृपा कहते हैं जो बिना मांगे मिल जाता है उसे अनुग्रह कहते हैं। सभी पुराणों में शिव को त्याग, तपस्या, वात्सल्य तथा करुणा की मूर्ति बताया गया है। शिव पुराण में उनके रहन-सहन, विवाह और पुत्रों की उत्पत्ति के विषय में बताया गया है। कथा के अंत में शिवजी की आरती करके कथा का समापन किया गया। इस अवसर पर संजय पांडेय, अशोक कुमार सिंह, इंद्रपाल सिंह, ऋषिकेश पांडेय, विनोद नायक, विनोद कुमार चतुर्वेदी, कृष्णानंद राय, पवन सिंह आदि उपस्थित रहे।