इंफेंट एंड यंग चाइल्ड फीडिंग (आईवाईसीएफ) के तहत गुरुवार को महिला जिला अस्पताल में चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। प्रशिक्षण के पहले दिन ट्रेनर डा. विवेक कुमार सिंह, ममता यादव और रेनू सिंह ने सीएचसी- पीएचसी केेंद्रों से आई नर्सो को प्रशिक्षण दिया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि जागरूता से बाल मौतों में कमी लाई जा सकती है।
मास्टर ट्रेनर डा. विवेक सिंह ने बताया कि देश में पांच साल तक के बच्चों के अंडरवेट की समस्या है। कहा कि पहले छह महीने जब बच्चे केवल मां के दूध पीते, वे भी 20 से 30 फीसदी अंडर वेट हैं। बच्चों की मौत दर कम करने व उन्हें स्वस्थ बनाने के लिए जरूरी है कि आईवाईसीएफ को प्राथमिकता देनी होगी। मुख्य अतिथि अस्पताल के सीएमएस डा. आरके ने कहा कि इस प्रोग्राम के तहत ब्रेस्ट फीडिंग, कंप्लीमेंटरी फीडिंग,इ एचआईवी व इंफेंट फीडिंग के बारे में जानकारी उपलब्ध करवाई जाती है। उन्होंने कहा कि इस प्रोग्राम के तहत ही बाल मौत दर को कम किया जा सकता है। इस ट्रेनिंग को लेने वाले आगे एएनएम व आशा वर्करों को प्रशिक्षित करेंगे। डीपीएम रविंद्र नाथ ने कहा कि नवजात व बच्चों को सही खुराक ही उनके समग्र विकास में सहायक हो सकती है। इस मौके पर आनंद पांडेय, डा. मिथिलेश रस्तोगी, फार्मासिस्ट ओमप्रकाश यादव, ममता यादव, रेनू सिंह आदि मौजूद रहे।