आठ सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश समन्य समिति केे आह्वान पर जिला इकाई के कर्मचारी दूसरे दिन मंगलवार को अनिचिश्वतकालीन कलमबंद हड़ताल पर रहे। दूसरे दिन एकजुटता का संकल्प लेकर शासन- प्रशासन पर जलनिगम विभाग की अनदेखी करने का आरोप लगाकर जमकर नारेबाजी की। इस दौरान जलनिगम कर्मचारियों ने मांगों को शासन द्वारा शीघ्र पूरा करने की मांग की।
जिले के समन्वय समिति के अध्यक्ष अमित सिंह ने कहा कि सरकार उनकी मांगों को हर बार पूरा करने का आश्वासन देती तो है लेकिन उसे पूरा करने के लिए अमल नहीं करती है। सरकार की उदासीनता को देखते हुए समन्वय समिति द्वारा अनिचिश्वितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया गया है। कहा कि पूर्व की भांति लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग पीएचईडी का गठन किया जाए। जलनिगम द्वारा कराए जा रहे अमृत योजना आदि को अन्य संस्थाओं द्वारा कराए जाने वाला काला कानून समाप्त किया जाए। साथ ही कर्मियों को वेतन, पेंशन को शासन वहन करे। इसके अलावा सातवें वेतनमान को लागू करने एवं छठवा वेतनमान का एरियर भुगतान और पेंशन भोगियों का शीघ्र भुगतान करने संबधित आठ मांगों को शीघ्र पूरा किया जाए। हड़ताल में अमित सिंह, एनके भारती, अजय कुमार, नंद गौड़, कन्हैया लाल, बृृजराज सिंह, अनुप पांडेय सहित समस्त जलनिगम कर्मचारी मौजूद रहे।